पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा के यमुनाघाट पर भी जल पक्षियों की संख्या बढ़ने लगी है। रंग- बिरंगे जल पक्षियों की अटखेलियां खूब देखने को मिल रही है। इस क्षेत्र में सौंदर्यीकरण पर ध्यान दिया जाए तो आसन बैराज की तरह सुंदर स्थल तैयार हो सकता है, जिससे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटकों को भी रोका जा सकता है। पर्यटकों के बढ़ने से क्षेत्र में व्यापार में भी बढ़ोतरी होगी।
हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर स्थित आसन बैराज में इन दिनों हजारों पक्षियों ने डेरा डाला है। जल पक्षियों से आसन बैराज में आकर्षक व चमकीले पंखों वाले रंग-बिरंगे जल पक्षी खूब अपनी तरफ आकर्षित कर रहे हैं। यहां पर डेढ़ दर्जन किस्म के विभिन्न रंगों वाले पक्षी पहुंचे हैं लेकिन इस बार इन पक्षियों में से सैकड़ों पक्षी पांवटा यमुनाघाट में भी उमड़े हैं। यमुना पर बनी वीयर योजना से दूरी पर रंगीन जल परिंदों की संख्या बढ़ रही है। साइबेरिया, चीन समेत देश के विभिन्न प्रांतों से आसन बैराज पहुंचे मेहमान पक्षी पांवटा यमुनाघाट भी पहुंच रहे हैं। मेहमान परिदों में रंगीन सुर्खाव पक्षी ज्यादा हैं।
पक्षी प्रेमी भरत राणा, राधा शर्मा, वीना ठाकुर, सुनीता ठाकुर, राधा, धीरज, दिनेश शर्मा, सुनील अत्री, सपना, रघुवीर तोमर, स्वाती शर्मा, सुरेंद्र चौहान व प्रद्युमन सिंह ने बताया कि आसन बैराज में हिमाचल क्षेत्र से भी काफी जल पक्षी प्रेमी जाते हैं लेकिन पिछले दो वर्षों से स्थानीय यमुनाघाट में भी विदेशी पक्षी पहुंचने लगे हैं।
हालांकि अभी तक इनकी संख्या सैकड़ों में है। इन पक्षियों को राधाकृष्ण हनुमान मंदिर तथा प्राचीन देईजी साहिबा मंदिर के नीचे यमुना नदी क्षेत्र में देखा जा सकता है। यमुनाघाट में सौंदर्यीकरण योजना को बढ़ावा मिले तो इनकी संख्या हर वर्ष बढ़ सकती है। इस स्थल को वाटर स्पोर्ट्स सेंटर(वाटर बोट) के रुप में विकसित किया जाना चाहिए।