सिरमौर के दर्जनों पॉलीहाउस की मरम्मत लटकी
कार्य करने को तैयार नहीं हो रही कंपनियां, किसानों में रोष
पिछले साल भी नहीं हुई थी खेती, इस वर्ष भी छाया संकट
अमर उजाला ब्यूरो
सराहां (सिरमौर)। राज्य सरकार की ओर से पॉलीहाउस की मरम्मत के लिए शुरू की गई योजना धरातल पर धराशायी हो रही है। करीब एक साल बाद भी पॉलीहाउसों की मरम्मत नहीं हो सकी है। इस वजह से सिरमौर जिले के दर्जनों किसानों को सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल रहा। बताया जा रहा है कि जिन कंपनियों को मरम्मत कार्य की जिम्मेदारी दी गई है, उन्होंने अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं। प्रति वर्ग मीटर सरकार की ओर से निर्धारित मूल्य कम बताकर ठेकेदारों ने अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं। इससे किसान पॉलीहाउस में खेती नहीं कर पा रहे हैं।
गौरतलब है कि पहले प्रदेश सरकार ने किसानों के पॉलीहाउस की मरम्मत करने के लिए 50 फीसदी अनुदान देने की घोषणा की थी लेकिन, हाल ही में प्रदेश सरकार ने पांच साल पहले बने पॉलीहाउस की मरम्मत के लिए 70 फीसदी अनुदान देने की बात कही थी। किसानों को 30 फीसदी राशि स्वयं खर्च करनी होगी। अब एक वर्ष में किसानों के पॉलीहाउस की मरम्मत न होने से किसानों में रोष है। विभाग की मानें तो सरकार की ओर सेे पॉलीहाउस की मरम्मत के लिए जो बजट निर्धारित किया गया है उसमें ठेकेदार कार्य करने को तैयार नहीं है। सरकार की ओर से निर्धारित प्रति वर्ग मीटर मूल्य कंपनियों को बेहद कम लग रहा है। किसान शमशेर सिंह, सतीश कुमार, जयपाल सिंह, नागेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह और उमादत्त ने बताया कि उन्हें एक वर्ष पहले पॉलीहाउस के मरम्मत को मंजूरी आई है। लेकिन, आज तक मरम्मत नहीं की गई। जिले में करीब 25 किसान ऐसे हैं जिनकी कई हजार वर्ग मीटर के पॉलीहाउस की मरम्मत होनी थी जो नहीं हो पाई है। उधर, जिला उपनिदेशक कृषि विभाग जगदीश रनोट ने बताया कि विभाग के पास पॉलीहाउस की मरम्मत करने के लिए पर्याप्त बजट है। करीब 25 लाख का बजट सरकार की ओर से दिया गया है। जिन कंपनियों को काम दिया गया था, वे कंपनियां काम नहीं कर रही हैं। कुछ और कंपनियों से भी इस संबंध में बात की जा रही है। जैसे ही कंपनियां काम करने को राजी होंगी, तुरंत किसानों के पॉलीहाउस की मरम्मत की जाएगी।