संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन। विशेष लोक अदालत में चेक बाउंस के एक लंबे समय से लंबित मामले का आपसी समझौते के आधार पर निपटारा हो गया। सेशन जज योगेश जसवाल की अध्यक्षता वाली पीठ ने समझौते को स्वीकार करते हुए आरोपी के खिलाफ निचली अदालत की ओर से मई 2025 को सुनाई गई दोषसिद्धि और सजा को रद्द कर दिया।
मामला एम/एस टेक्नो प्लास्टिक इंडस्ट्रीज बनाम एम/एस एवी संस डिस्ट्रीब्यूटर्स से जुड़ा था। निचली अदालत ने आरोपी अनिल इंदोरिया को एनआई एक्ट के तहत एक वर्ष के कारावास और शिकायतकर्ता को 8 लाख रुपये मुआवजा देने की सजा सुनाई थी। इसी फैसले को चुनौती देते हुए आरोपी ने सेशन कोर्ट में अपील दायर की थी। विशेष लोक अदालत में दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बनने के बाद शिकायतकर्ता ने स्पष्ट किया कि अब आरोपी के खिलाफ कोई बकाया राशि शेष नहीं है और उसे अपील के निस्तारण पर कोई आपत्ति नहीं है। सुनवाई के दौरान अदालत ने सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व निर्णय का हवाला देते हुए मामले की परिस्थितियों और दोनों पक्षों के समझौते को देखते हुए कंपाउंडिंग शुल्क भी माफ कर दिया।
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