नाहन कॉलेज में छात्रा को दवा देते स्वास्थ्य कर्मी।
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नाहन (सिरमौर)। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नाहन की 48 छात्राएं एनीमिया से पीड़ित पाई गई हैं। कॉलेज की महिला विकास इकाई शक्ति और रोटरी संगिनी नाहन ने वीरवार को कॉलेज परिसर में निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया था। इस दौरान छात्र-छात्राओं सहित पूरे स्टाफ के स्वास्थ्य की जांच की गई। इसमें 276 लोगों के बीपी, शूगर, खून की जांच की गई। साथ ही कोरोना से बचाव के लिए बूस्टर डोज भी लगाई।
स्वास्थ्य खंड धगेड़ा की बीएमओ डॉ. मोनीषा अग्रवाल के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं सहित कॉलेज स्टाफ के बीपी, शूगर, खून की जांच के साथ-साथ अन्य रोगों की जांच की। खून की जांच के दौरान पाया गया कि कॉलेज की 48 छात्राओं में खून की कमी है। इस पर एनीमिया की शिकार सभी छात्रों को आवश्यक दवाइयां मुहैया करवाई गई हैं। शिविर में प्राचार्या डॉ. वीना राठौर, रोटरी संगिनी की प्रधान प्रो. अंजू अग्रवाल सहित डॉ. उत्तमा पांडे, प्रो. प्रियंका रंधावा, प्रो. नवदीप शाह, डॉ. सलोनी सूद, प्रो. प्रीति सहित समस्त स्टाफ और विद्यार्थी मौजूद रहे।
किस कारण होता है एनीमिया
बीएमओ डॉ. मोनीषा अग्रवाल ने बताया कि एनीमिया का सबसे बड़ा कारण शरीर में आयरन की कमी होना है। जब शरीर में रेड ब्लड सेल (आरबीसी) धीरे-धीरे खत्म होने लगते हैं और बॉडी को जरूरत के अनुसार डाइट नहीं मिलती तो इससे खून की कमी होने लगती है। इसके अलावा ज्यादातर ये दिक्क्त किशोरावस्था और महिलाओं में पीरियड्स के दौरान खून की कमी से भी हो जाती है।
एनीमिक हैं तो इनसे करें परहेज
डॉ. मोनीषा ने कहा कि खून की कमी को दूर करने के लिए हर कुछ नहीं खाना-पीना चाहिए। एनीमिक व्यक्ति को चाय, कॉफी और सोयाबीन, मटर के सेवन से बचना चाहिए। इसके साथ ही ज्यादा चीनी युक्त खाद्य पदार्थों से भी दूर रहना चाहिए। फलों में सेब और केला और सब्जियों में ब्रोकली, हरी पत्तेदार सब्जियां, चुकंदर, शकरकंद और अनाज को खाने में शामिल करें। विटामिन बी12 और फॉलिक एसिड को डाइट में शामिल करें।