नाहन (सिरमौर)।
सिरमौर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की ढुलमुल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद जग गई है। जनपद में खाली चल रहे चिकित्सकों के पदों को भरने के लिए जिला प्रशासन ने पहल की है। उपायुक्त सिरमौर ललित जैन ने स्वास्थ्य विभाग में खाली चल रहे चिकित्सकों के पदों की स्टेटस रिपोर्ट मांगकर बाकायदा इन्हें भरने के लिए सरकार से संस्तुति भी की है। उन्होंने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग के मुख्य सचिव को इस बारे पत्र लिखा है जिसमें जल्द से जल्द सिरमौर के लिए चिकित्सक मुहैया करवाने की संस्तुति भी की गई है।
गौरतलब है कि सिरमौर के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के हाल खस्ता है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जैसे तैसे अस्पताल चला रहे हैं। खासकर स्वास्थ्य केंद्र और स्वास्थ्य उपकेंद्रों में चिकित्सकों के पद खाली हैं। कहीं फार्मासिस्ट दवाइयां दे रहे हैं तो कहीं पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के सहारे काम चलाया जा रहा है।
16 जनवरी के अंक में ‘अमर उजाला’ ने ‘सिरमौर के गांवों में लोगों की सेहत राम भरोसे’ शीर्षक के साथ यह मामला प्रमुखता से उठाया था। इस बारे में बाकायदा जिला के विभिन्न क्षेत्रों में खुली पीएचसी की लाइव कवरेज की गई। इस पर उपायुक्त ललित जैन ने कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने सीएमओ डॉ. संजय शर्मा से मामले की पूरी रिपोर्ट मांगी। उन्होंने यह भी जानकारी ली कि जिला के अस्पतालों में मेडिकल स्टाफ की क्या स्थिति है। कितने पद खाली चल रहे हैं और कितने अस्पताल बिना डॉक्टर के चल रहे हैं। इसके बाद इन पदों को भरने के लिए राज्य सरकार से पत्राचार भी किया गया है।
उपायुक्त ललित जैन ने स्वास्थ्य विभाग से रिपोर्ट मांगने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मामला उनके ध्यान में आया था। इसके बाद सीएमओ से पूरी रिपोर्ट मांगी गई। उन्होंने कहा कि बुधवार को ही इस बारे एक पत्र सरकार को भेजा गया है जिसमें पदों को भरने की की संस्तुति की गई है।
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कितने पद चल रहे हैं रिक्त
सिरमौर में चिकित्सकों के 32 पद रिक्त चल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सिरमौर में चिकित्सकों के कुल 91 पद सृजित किए गए हैं। इनमें से 32 पदों पर तैनाती नहीं हो पा रही है। जिले की कई पीएचसी बिना चिकित्सक के चल रही हैं। जबकि कई स्थानों पर डेपुटेशन के सहारे काम चलाया जा रहा है, जहां सप्ताह में तीन दिन ही स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं।