पांवटा साहिब (सिरमौर)। नाहन विधानसभा क्षेत्र की माजरा पंचायत में आयोजित जनमंच कार्यक्रम का मजा मूसलाधार बारिश ने किरकिरा कर दिया। सुबह कार्यक्रम शुरू होने के करीब एक घंटे बाद ही बारिश शुरू हो गई। इस वजह से जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियां नाकाफी साबित हुईं। करीब 40 मिनट बाद भी बारिश नहीं रुकी। स्कूल के हाल में बैठने की व्यवस्था कर दी गई। बारिश के बावजूद लोगों में उत्साह दिखा। स्कूल के एक बड़े हॉल में कार्यक्रम हुआ।
जनमंच कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। शिविर में कुल 281 मामले उठाए गए। इनमें से 33 का मौके पर ही निपटारा किया गया। नाहन विस क्षेत्र व पावंटा ब्लॉक की 9 पंचायतों के लोगों ने अपने-अपने मुद्दों को उठाया। क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधियों ने बढ़ते नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाई। पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने कहा कि युवा नशे की चपेट में आ रहे हैं। प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन व जिला पुलिस गंभीरता से इसको ले। शिक्षा मंत्री ने कहा कि नशाखोरी के खिलाफ प्रदेश सरकार बेहद गंभीर है। पंजाब से चिट्टा हिमाचल में भी दाखिल हो चुका है। इसकी युवाओं को एक बार आदत लगी तो जानलेवा होता है। इसलिए जिलाधीश, एसपी के साथ अभिभावकों को भी अपने बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। जनमंच कार्यक्रम में जल निकासी, पेयजल, संपर्क सड़कों, बिजली आपूर्ति, बढ़ते आपराधिक मामलों, बदहाल सड़कों व बंद नालियों की दशा, जन सुविधा के लिए पहले चल रही एचआरटीसी बस सेवाओं को फिर से शुरू करने, दोसड़का से ही जाने वाली बाहरी राज्यों की बसों पर कार्रवाई करने, ब्लॉक इंजीनियर्स को टीए-डीए का मुद्दा, बीपीएल में नाम शामिल करने जैसे कई मुद्दे लोगों ने उठाए। इस अवसर पर विधायक पांवटा विस क्षेत्र सुखराम चौधरी, पूर्व विधायक शिलाई बलदेव तोमर, भाजपा जिलाध्यक्ष विनय गुप्ता, डीसी सिरमौर ललित जैन, एसपी सिरमौर रोहित मालपानी, एसडीएम पांवटा एलआर वर्मा, प्रधान माजरा बृजेश गोयल, पूर्व बीडीसी अध्यक्षा पुष्पा चौधरी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जनमंच कार्यक्रम के दौरान पांवटा के एक व्यक्ति ने पुराने समय पर एचआरटीसी की बस सेवा को जनहित में शुरू करने का प्रश्न उठाया। संबंधित अधिकारी ने जवाब देते हुए कहा कि इसमें प्रेशर है। ऐसे जवाब से कुछ देर के लिए पंडाल में चुप्पी छा गई। तभी मंच पर पीछे बैठे एक अधिकारी उठकर शिक्षा मंत्री के समीप पहुंचे। उन्होंने मंत्री के कान में कुछ कहा। इसके बाद मंत्री ने जवाब दे रहे अधिकारी को बीच में ही तल्ख लहजे में टोक दिया। कैसा प्रेशर? शिक्षा मंत्री अधिकारी से बोले कि ऐसे कार्यक्रमों में अपनी भाषा का जरूर ध्यान रखें।