नाहन (सिरमौर)। लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए आयोजित कांग्रेस के जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में महामंथन हुआ। सम्मेलन में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने जहां कार्यकर्ताओं को मतभेद भुलाकर एकजुटता से संगठन के लिए कार्य करने के टिप्स दिए। वहीं, भाजपा शासित केंद्र और प्रदेश सरकार की घेराबंदी भी की। कांग्रेस के कार्यकर्ता सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी कांग्रेस के निशाने पर रहे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखबिंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि 2019 चुनावों के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना है। कार्यकर्ता पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है। हमें मिलकर भाजपा की झूठ की राजनीति को जड़ से उखाड़ फेंकना है। कार्यकर्ताओं के दम पर हम यह चुनाव जीतेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीने से हम युवा कार्यकर्ताओं को आगे ला रहे हैं। केंद्र सरकार सिर्फ झूठ की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि जयराम सरकार में प्रशासनिक क्षमता कमजोर है। महिला अधिकारी की सरेआम हत्या इसका उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जो कार्यकर्ता पार्टी के लिए कार्य करते हैं वे हमारे दिल में रहते हैं और जो इधर-उधर की बात करते हैं वे दिमाग में। ऐसे चापलूस कार्यकर्ताओं की लिस्ट तैयार की जाएगी। उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। इस दौरान प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष मनीष ठाकुर, जीआर मुसाफिर, हर्षवर्धन चौहान, विनय कुमार, अजय सोलंकी, अजय बहादुर किरनेश जंग, दलीप चौहान ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि भाजपा सरकार दुर्घटना से बनी है। जयराम 25 साल राज करने की बात कह रहे हैं। वह पांच साल ठीक से चलाएं यही बहुत है। उन्होंने कहा कि भाजपा बदले की भावना से कार्य कर रही है। कांग्रेसी नेताओं के पीछे सरकारी एजेंसियां लगाई जा रही हैं। कांग्रेस विधायकों के हलकों में रिबन काटे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब सरकार का हनीमून पीरियड खत्म हो गया है। छह महीने में प्रदेश में कोई विकास नहीं हुआ। सांसदों ने भी पांच साल में सिर्फ झूठे वायदे किए। सांसदों के नाम कूड़ेदान पर लगे। 2019 में इन्हीं कूड़ेदान पर बिठाकर उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।
कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में माहौल नारेबाजी से गरमा गया। नेताओं के पहुंचने पर पूरा पंडाल वीरभद्र सिंह जिंदाबाद के नारों से गूंजा। जबकि भाषण के दौरान कार्यकर्ताओं ने सभी नेताओं को संबोधित करते हुए नारेबाजी की। नारेबाजी ने पूरे कार्यक्रम में जान फूंक दी।