-एड्स नियंत्रण गतिविधियों की समीक्षा बैठक में खुलासा
-टीबी मरीजों की समय पर जांच और निक्षय मित्र बढ़ाने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। सिरमौर जिले में एचआईवी संक्रमित मामले बढ़े हैं। वर्तमान में 312 एचआईवी केस पाए गए हैं। इसका खुलासा मंगलवार को जिला एड्स रोकथाम एवं नियंत्रण समिति, जिला कम्युनिटी रिसोर्स ग्रुप और मोबिलाइजेशन फॉर एड्स सुरक्षा समिति की बैठक में हुआ।
उपायुक्त कार्यालय के सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा ने की। बैठक में जिले में एचआईवी एवं एड्स नियंत्रण के लिए चल रही गतिविधियों की समीक्षा की गई। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में जिला सिरमौर में 312 एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। गत वर्ष 100 के करीब केस पाए गए थे। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का तर्क है कि इस वर्ष कार्यक्रम को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। साथ ही गर्भवती महिलाओं व गंभीर रोगियों के टेस्ट करवाए जा रहे हैं। ऐसे में मामले बढ़े हैं। विभाग की ओर से जिला के अलावा बाहर से आए लोगों के भी टेस्ट किए गए हैं।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने एचआईवी संक्रमण के स्व-मूल्यांकन के लिए एक क्यूआर कोड के बारे में भी जानकारी दी। कोड स्कैन कर कोई भी व्यक्ति स्वयं अपना जोखिम आकलन कर सकता है। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (एनएसीओ) के निर्देशानुसार प्रथम-95 लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। इसके अलावा द्वितीय-95 और 99 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने की दिशा में विभाग कार्य कर रहा है।
उपायुक्त ने इन लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में नशे के आदी लोगों के उपचार एवं पुनर्वास के लिए दो ओपिओइड सब्स्टिट्यूशन थेरेपी (ओएसटी) केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां उपचार के माध्यम से उन्हें नशामुक्त करने का प्रयास किया जा रहा है।
इसके बाद उपायुक्त ने जिला क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम की भी समीक्षा की। उन्होंने जनवरी से जून 2026 के दौरान क्षय रोग से हुई मौतों की जानकारी ली। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि टीबी मरीजों की समय-समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाए। गंभीर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर कर समुचित इलाज उपलब्ध कराया जाए।
उपायुक्त ने टीबी मरीजों को कुपोषण से उबारने और उनका मनोबल बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक निक्षय मित्र बनाने पर भी जोर दिया। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश प्रताप, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. निसार अहमद और खंड चिकित्सा अधिकारी मौजूद रहे।
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