साल 2015 में शादी से लौटते समय दुर्घटना में हुई थी मौत
यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को 7.5 प्रतिशत ब्याज सहित भुगतान का आदेश
परिजनों ने उचित मुआवजे के लिए एमएसीटी में लगाई थी गुहार
दीपक मेहता
नाहन (सिरमौर)। करीब 10 साल पहले सड़क हादसे में जान गंवाने वाले खत्री राम के परिजनों को मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने 26 लाख 68 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह राशि 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को अदा करनी होगी। न्यायाधिकरण कपिल शर्मा ने यह मुआवजा राशि मृतक के दावेदारों में समान रूप से वितरित करने का आदेश दिया है।
18 नवंबर 2015 को जिला शिमला के तहसील कुपवीं में बोलेरो पिकअप वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने से खत्री राम की गंभीर चोटों के कारण मृत्यु हो गई थी। पुलिस के मुताबिक हादसा तेज व लापरवाह ड्राइविंग के कारण हुआ था। मृतक शादी समारोह में सामान छोड़कर अपने गांव पांधोग लौट रहा था। न्यायालय ने माना कि दुर्घटना चालक की लापरवाही से हुई और मृतक वाहन में अवैध रूप से सवार नहीं था। बीमा कंपनी की ओर से ड्राइविंग लाइसेंस, शर्तों के उल्लंघन और मृतक को मुफ्त सवारी बताने के तर्कों को अदालत ने खारिज कर दिया। अदालत ने मृतक की आय, उम्र और आश्रितों की संख्या को ध्यान में रखते हुए मुआवजा तय किया। इसमें आश्रितों के लिए क्षतिपूर्ति, भविष्य की आय, अंतिम संस्कार और अन्य मदों को शामिल किया गया है।
न्यायाधिकरण ने आदेश दिया कि 26,68,00 हजार रुपये मुआवजा राशि 3 हजार खर्च सहित मृतक के पिता, पत्नी, दो बेटे और एक बेटी को समान रूप से वितरित की जाएगी और बीमा कंपनी तय अवधि में भुगतान सुनिश्चित करेगी।