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बस किराये की नई दरें लागू, जनता में उपजा रोष

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एक किलोमीटर सफर के लिए छह रुपये की वसूली
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बस किराये की नई दरें लागू, जनता में सरकार के प्रति रोष
सचित्र- 9 से 13 तक
पंकज तन्हा
नाहन (सिरमौर)। मंत्रिमंडल में बस किराया बढ़ाने के फैसले को सरकार ने शनिवार से लागू कर दिया है। अधिसूचना जारी होते ही प्रदेश में सरकारी और निजी बसों में यात्रियों से बढ़ाए गए किराये के मुताबिक वसूली की गई। लोगों को महज एक किलोमीटर के सफर के लिए छह रुपये देने पड़े। नई दरों में तीन किमी तक के सफर के लिए न्यूनतम किराया छह रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि पहले यह तीन रुपये था। इसके अलावा पहाड़ी और मैदानी क्षेत्र में 20 और 24 फीसदी किराया बढ़ोतरी की गई है।
सरकार के इस फैसले से लोगों में रोष है। मंत्रिमंडल में लिए फैसले को लागू न करने के लिए पहले ही कई संगठनों ने मोर्चा खोल रखा था, जिससे आम जन को उम्मीद थी कि सरकार ऐसा फैसला नहीं लेगी। लेकिन घोषणा को अमलीजामा पहना दिए जाने से लोगों में रोष है। अमर उजाला ने बस किराये में हुई वृद्धि को लेकर लोगों से बात की तो उनका गुस्सा कुछ यूं फूटा।
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1. नाहन निवासी सुधीर रमौल ने कहा कि बस में आमजन सफर करता है। किराये में वृद्धि कर सरकार ने उनकी जेब पर बोझ लाद दिया है। उनकी जेब पर एक तरह से डाका डालने का काम किया गया है।
2. अंबिका शर्मा ने कहा कि बस किराये की सीधी मार गरीब और मध्य वर्ग के लोगों पर पड़ी है। एचआरटीसी भी किराया बढ़ाने के पक्ष में नहीं थी। इससे एचआरटीसी को भी घाटा होगा। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
3. प्रमोद चौहान ने कहा कि शनिवार को उनसे 23 की जगह 32 रुपये वसूले गए। पहले ही महंगाई ने रसोई का बजट बिगाड़ रखा है, अब किराया वृद्धि उनकी जेब पर कैंची चलाएगी।
4. कांडों निवासी छात्रा कमलेश कुमारी ने कहा कि हजारों छात्र एक से दो किमी का ही सफर करते हैं। उन्हें भी इतनी कम दूरी के लिए 3 की बजाए 6 रुपये देने होंगे। इससे गरीब छात्रों को नुकसान होगा।
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5. पांवटा निवासी राकेश भारद्वाज ने कहा कि निजी बस चालक सरकारी बसों की अपेक्षा कम किराया वसूल रहे हैं। अब भी वे यही करेंगे। इससे सीधा नुकसान एचआरटीसी और आम लोगों को होगा।
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