अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। जेबीटी के 700 पदों को भरने के लिए टेट मेरिट आधार पर ली गई काउंसलिंग का परिणाम 10 माह बाद भी घोषित नहीं हुआ है जिससे टेट मेरिट प्राप्त प्रशिक्षुओं में भारी रोष उत्पन्न हो गया है।
प्रशिक्षुओं का कहना है कि प्रदेश के कांगड़ा, ऊना, कुल्लू व किन्नौर जिला में 2012 के बाद जेबीटी का कोई पद नहीं भरा गया है। जबकि वर्ष 2016 में हुई 600 पदों की भर्ती के दौरान इन जिलों को फिर से वंचित कर दिया गया। यहां तक कि इन जिलों के प्रशिक्षुओं को अन्य जिलों में आवेदन की अनुमति तक नहीं दी गई लेकिन जब 2017 में टेट मेरिट के आधार पर अधिसूचना जारी कर काउंसलिंग की गई तो अब उसे रद्द करने की बात कही जा रही है।
टेट मेरिट जेबीटी प्रशिक्षु अतर सिंह ठाकुर, पवन जस्टा, राजेश कुमार, शेर सिंह, राहुल, ज्योति, मनमोहन सिंह, रोमा कटोच, सतवीर कौर, राज नेगी, अमित शर्मा, शिव, राज, पवन आदि ने कहा कि वह सभी 2012 से टेट मेरिट लेकर नौकरी के इंतजार में हैं। शिक्षा विभाग ने टेट मेरिट आधार पर 700 पदों के टेट मेरिट आधार पर विज्ञापन जारी कर काउंसलिंग भी पूरी करवा ली। इस प्रक्रिया पर एक-एक प्रशिक्षु का 12 से 15 हजार खर्च हुआ है।
उन्होंने कहा कि यदि टेट मेरिट आधार पर की गई काउंसलिंग को यदि रद्द किया गया तो यह अन्याय होगा। वह सभी मानसिक रूप से बहुत परेशान हो चुके हैं। यदि उनको न्याय प्रदान नहीं किया गया तो वह आत्मदाह करने के लिए विवश होंगे।