नाहन (सिरमौर)।
दिसंबर माह में भी महंगाई से आम आदमी की जेब को कोई राहत नहीं मिली है। बढ़ते भाव से दाल का स्वाद पहले फीका हो रहा था अब तो सब्जियों का स्वाद भी बिगड़ गया है। दाल-सब्जियों के तड़के से टमाटर-प्याज का जायका गायब हो गया है।
दिसंबर माह में भी दाल-सब्जियों से लेकर तेल-मसालों की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। अमूमन इस माह में सब्जियों के दाम कम ही रहते हैं लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है। दालों के कारण रसोईघर का बजट पहले ही बिगड़ गया था। अब सब्जियों ने महंगाई रूपी आग में घी डालने का कार्य किया है।
सब्जियों के बढ़ रहे दाम का असर अब लोगों की थालियों में दिखने लगा है। आसमान छू रहे दाम लोगों को रुला रहे हैं। टमाटर व प्याज के शौकीनों की थाली से जहां टमाटर-प्याज गायब हैं, वहीं आलू भी नखरे दिखाने लगा है। आलम यह है कि बाजार में सब्जी की खरीदारी करने वाले लोग मोल भाव करने के बाद ही सब्जी की खरीदारी कर रहे हैं। जो सब्जी महंगी लग रही है, उसे नहीं खरीद रहे हैं।
बॉक्स के लिए--
टमाटर 50 और प्याज 50 रुपये किलो
सर्दियों में भी महंगाई का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। सब्जियों के दामों में हुई बढ़ोतरी नीचे आने का नाम नहीं ले रही है। हाल ही में 10 रुपये किलो बिकने वाले टमाटर के भाव उछलकर 50 रुपये प्रति किलो पहुंच गए हैं। प्याज भी 50 रुपये किलो बिक रहा है। जबकि फ्रांसबीन 60 रुपये व शिमला मिर्च भी 60 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रही है। गाजर 30 रुपये, मटर 40 रुपये, बैंगन 30 रुपये, मूली 15 से 20 रुपये, शलगम 30 रुपये, पालक 15 से 20 रुपये, मेथी 15 रुपये गुच्छी, पालक 15 से 20 रुपये, मशरूम 100 रुपये किलो के पार पहुंची हुई है।
महंगी सब्जियां खरीदना किया बंद
बाजार में खरीदारी करने आई भारती शर्मा, शिल्पा कश्यप, विजय श्री गौतम, एकता संजीवन शर्मा, प्रतिभा पुंडीर, शीतल पंवार, नेहा भंडारी, निशा अग्रवाल आदि ने बताया कि महंगाई अपने चरम पर है। बाजार में बिकने वाला सरसों का तेल, ऑलिव ऑयल, रिफाइंड व दालें तो पहले ही चढ़े हुए थे। अब रही सही कसर सब्जियों ने निकाल दी है। उन्होंने बताया कि टमाटर-प्याज ही नहीं बैंगन, भिंडी, आलू, गोभी, कद्दू, गाजर, अदरक, धनिया, लौकी, कद्दे, आलू और तोरई समेत सभी सब्जियों के दाम सातवें आसमान पर हैं। टमाटर-प्याज तो उन्होंने खरीदना ही बंद कर दिया है।