अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)। गुरु की नगरी पांवटा साहिब में बुधवार को भव्य नगर कीर्तन के साथ होला मोहल्ला का आगाज हो गया। 335वें होला मोहल्ला कार्यक्रम में निकले भव्य नगर कीर्तन की अगुवानी पंज प्यारों ने की। मेले को लेकर गुरुद्वारा परिसर, पालकी और शहर को शानदार तरीके से सजाया संवारा गया है।
गतका दल, बैंड पार्टियां और रंग-बिरंगे परिधानों में सजे स्कूली बच्चे आकर्षण का केंद्र बने रहे। आस्था की बयार बहने के साथ युवा और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य यातायात को सुचारुबनाने तथा स्वच्छता के प्रति काफी सजग दिखे। श्रद्धालुओं की निशुल्क सेवा के लिए जगह-जगह चाय-कॉफी, फलों समेत विभिन्न स्टॉल सजे रहे। बुधवार दोपहर बाद पांवटा गुरुद्वारा परिसर से नगर कीर्तन का आगाज हुआ। पांवटा गुरुद्वारा कमेटी के उप प्रधान हरभजन सिंह और मैनेजर जगीर सिंह ने बताया कि 335वां होला मोहल्ला धूमधाम से मनाया जा रहा है। दोपहर एक बजे से भव्य नगर कीर्तन शुरू हुआ। इसमें स्थानीय क्षेत्रों और बाहरी राज्यों से भारी संख्या में साध संगतें पहुंचीं। श्रद्धालुओं ने बढ़चढ़ कर नगर कीर्तन में भाग लिया। पांवटा साहिब मुख्य गुरुद्वारा परिसर से नगर कीर्तन शुरू होकर गीता भवन, मुख्य बाजार, शमशेरपुर से बद्रीपुर होकर वापस गुरु द्वारा साहिब परिसर में पहुंचा।
हर किसी ने सराहे गतका टीमों के करतब
नगर कीर्तन में बाहरी राज्यों और स्थानीय गतका टीमें आकर्षण केंद्र बनी रहीं। इसमें प्राचीन रणकौशल विधि से नन्हें गतका खेलने वाले सदस्यों ने सबके हतप्रभ कर दिया। स्थानीय प्रशिक्षित नन्हे मुन्ने गतका दल के सदस्यों ने अपनी प्रतिभा और प्राचीन रण कौशल से खूब तालियां बटोरीं। नगर कीर्तन के दौरान विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के बच्चों ने नगर कीर्तन में बढ़चढ़ कर भाग लिया।
महिलाओं ने रास्ता संवार किया श्रद्धालुओं का स्वागत
नगर कीर्तन के लिए विशेष रूप से गुरु जी की पालकी (रथ) सजाई गई थी। पालकी के आगे महिलाएं रास्ता और सड़क साफ करते हुए श्रद्धालुओं का स्वागत कर रही थीं। गुरु के जय जयकारे करते हुए श्रद्धालुगण नगर कीर्तन में आगे बढ़ते रहे। इस दौरान सेवा भावना से श्रद्धालुओं को पानी, कॉफी, चाय, पकौड़े, फल आदि वितरित करने के लिए स्टॉल भी लगाए गए थे।