जंगली फल खाने से सात बच्चे बीमार
रामपुरघाट क्षेत्र में मजदूरों के बच्चों ने खाए जंगली फल
एक रात अस्पताल में रखने के बाद सभी को घर भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)।
पांवटा के रामपुरघाट क्षेत्र में प्रवासी बच्चों ने जंगली फल खा लिया जिसके बाद देर शाम को 7 बच्चों की तबीयत बिगड़ने लग गई। क्रशर पर कार्यरत मजदूरों ने अपने बच्चों को सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां 7 में से 1 बच्चे को रात को ही घर भेज दिया था। जबकि 6 बच्चों को सोमवार सुबह छुट्टी दी गई।
जानकारी के अनुसार पांवटा साहिब में क्रशर में कार्य करने वाले मजदूरों के तीन परिवारों के बच्चे दिन में एक साथ खेल रहे थे। इस बीच बच्चों ने जंगली फल खा लिए। बच्चों ने दिन में करीब 3 बजे यह फल का खाए। शाम साढ़े 6 बजे के आसपास परिजन घर पहुंचे तो देखा कि बच्चों को उल्टियां, पेट दर्द व चक्कर आने लगे हैं। इसके बाद परिजनों ने बच्चों को सिविल अस्पताल पांवटा पहुंचाया।
प्रवासी बच्चों की उम्र 6 से 13 वर्ष के बीच है जिसमें शिखा, श्यामू, किशना, शिवानी, शैलेश और रूपा को उपचार के लिए रविवार रात को दाखिल करवाया गया। जबकि एक बच्चे को रात में ही प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया था।
परिजनों ने कहा कि दोपहर को खेलने वाले बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर पूछा। बच्चों ने कहा कि जंगल की तरफ निकले थे। वहां पर पौधे में कुछ फल से नजर आए जो खाने में स्वादिष्ट लगे। सभी बच्चों ने फल खा लिए।
उधर, सिविल अस्पताल पांवटा के एसएमओ कमाल पाशा ने पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि देर रात रामपुरघाट के 7 प्रवासी बच्चे अस्पताल उपचार को पहुंचे। परिजनों ने बताया कि बच्चों की तबीयत जंगली फल खाने से बिगड़ी है। इनमें से एक बच्चे को रात को ही घर भेज दिया था। जबकि 6 बच्चे अस्पताल में दाखिल किए थे। उन्हें भी सोमवार को छुट्टी दे दी गई है।
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सुरेश तोमर
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