सराहां (सिरमौर)।
प्रचंड गर्मी के कारण सिरमौर में सूखे जैसे हालात बन गए हैं जिसकी वजह से पेयजल योजनाओं का पानी सूख गया है। पच्छाद क्षेत्र की आठ पेयजल योजनाओं का पानी पूरी तरह से सूख गया है। इस वजह से ग्रामीणों को पेयजल का गंभीर संकट झेलना पड़ रहा है। हालांकि, प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों के लिए टैंकरों की व्यवस्था की है लेकिन टैंकरों के पानी से भी ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझ रही। पेयजल योजनाएं सूखने से 15 हजार से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है।
क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ठाकुरद्वारा, बनी-बखोली, लोहारडी-पथरोटी, कुहट, टिक्करी पजेरली, साधना घाट, सिरमौरी मंदिर व आंजी सीयूत इत्यादि उठाऊ पेयजल योजनाएं पूरी तरह से सूख गई हैं। ग्रामीणों को योजनाओं से पानी न मिलने के कारण दूर-दूर के नालों से पानी लाना पड़ रहा है। जहां नालों में भी पानी नहीं है, वहां ग्रामीण हैंडपंप पर निर्भर हो गए हैं।
काटली पंचायत के उपप्रधान हेमराम कश्यप, रमन पुंडीर, सोम ठाकुर, राजेश कुमार, रजनीश शर्मा, भूपेंद्र सिंह, लेखराज, सुरेंद्र कुमार, नरेंद्र शर्मा, वीरेंद्र शर्मा, अजय शर्मा, सतपाल व राकेश कुमार ने बताया कि पच्छाद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली व उनके गांव को लाभान्वित करने वाली योजनाएं सूख गई हैं। इससे लोगों को पर्याप्त रूप से पानी नहीं मिल रहा। कई गांव ऐसे हैं जहां पर हैंडपंप तक नहीं है। ऐसे गांवों में लोगों की दिक्कतें और बढ़ गई हैं। कई लोग गाड़ियों में पानी ढो रहे हैं। यहां तक कि मवेशियों को भी पानी पिलाने की भारी दिक्कत हो रही है। लोगों को एक से तीन किलोमीटर दूर से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है।
उधर, विभाग के सहायक अभियंता सुभाष चौहान ने बताया कि पच्छाद क्षेत्र की करीब आठ योजनाएं सूख चुकी हैं। उन्होंने कहा कि जो योजनाएं सूख गई हैं, वहां पर कई गांवों में हैंडपंप लगाए गए हैं। जहां पर हैंडपंप नहीं लगे हैं वहां पर हैंडपंप लगाने की प्रक्रिया जारी है। जिन गांवों में हैंडपंप नहीं लगे हैं वहां वर्तमान में टैंकरों से पानी की आपूर्ति की जा रही है।