अमर उजाला ब्यूरो
सराहां (सिरमौर)।
स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक एवं उप मिशन निदेशक डॉ. अनुज गुप्ता सोमवार को अचानक सराहां अस्पताल के औचक निरीक्षण पर पहुंचे। उन्होंने ओपीडी, एक्सरे रूम, लेबोरेटरी, अस्पताल में आए मरीजों की डॉक्टरों द्वारा काटी गई पर्चियों, गर्भवती महिला कक्ष, मरीज कक्ष आदि का निरीक्षण किया। संयुक्त निदेशक के औचक निरीक्षण से अस्पताल स्टाफ में हड़कंप मच गया।
हैरत यह है कि सराहां अस्पताल सौ बिस्तरों वाला है लेकिन निरीक्षण के दौरान अस्पताल में एक भी मरीज दाखिल नहीं मिला। सुविधाओं का अभाव और चिकित्सकों की कमी की वजह से यहां उपचार के लिए आना लोग मुनासिब नहीं समझ रहे।
संयुक्त निदेशक ने निरीक्षण के दौरान यह भी जांच की कि जो मरीज अस्पताल में जांच करवाने आ रहे हैं, उन्हें जो डॉक्टर द्वारा दवाई लिखी गई है वह सभी दवाइयां अस्पताल से दी जा रही है या नहीं। डॉ. अनुज गुप्ता ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा 330 दवाइयां अस्पताल के माध्यम से दी जा रही हैं। इससे पहले 56 दवाइयां अस्पताल से मिलती थीं।
संयुक्त निदेशक ने अस्पताल प्रशासन को सख्त निर्देश दिए कि अस्पताल में जो पुराने बोर्ड लगे हैं, उन्हें तुरंत हटाया जाए।
संयुक्त निदेशक सिविल अस्पताल में मरीजों के कक्ष का निरीक्षण कर रहे थे, तो लगभग 20 मिनट तक बिजली गुल रही। मीडिया ने दो जेनरेटर एक साल से खराब होने की जानकारी दी तो उन्होंने तुरंत विभाग के अधिकारियों को फोन कर उन्हें ठीक करवाने के आदेश दिए। इसके अलावा अस्पताल के बाहर सभी टेस्टों के रेट लिखने के भी उन्होंने आदेश दिए।
उन्होंने बोर्ड में यह भी दर्शाने को कहा कि गर्भवती महिला को हर सुविधा अस्पताल से दी जाएगी व प्रसव के बाद महिला के बेटा-बेटी होने पर एक साल तक अस्पताल में मुफ्त इलाज मिलेगा। अस्पताल में स्टाफ ंकी कमी को लेकर पूछे सवाल पर उन्होंने कहा कि सौ बिस्तर वाले अस्पताल में स्टाफ का होना जरूरी है। वह इस मामले को उच्च अधिकारियों के समक्ष रखेंगे।