राजपुर (सिरमौर)। यदि आपके पास लाइसेंसी बंदूक है तो उसे तुरंत अपने नजदीकी थाना में जमा करवा दें। चुनाव के दौरान लाइसेंसी हथियार रखना भी अपराध की श्रेणी में माना जाएगा। हथियार जमा नहीं करवाने पर छह महीने की कैद हो सकती है।
उनके खिलाफ धारा 188 के तहत उक्त कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है।
जानकारी के अनुसार जिले में करीब 7500 लोगों के पास बंदूकें हैं। 10 फीसदी लाइसेंस धारकों ने अपनी बंदूकें जमा नहीं करवाई है। अब तक 5250 लोगों ने अपनी-अपनी बंदूकें जमा करवा दी हैं। जिन्होंने अपने हथियार जमा नहीं कराएं हैं पुलिस ने उन्हें नोटिस जारी कर दिए हैं। कुल 2250 लोगों को इस तरह के नोटिस जारी किए हैं।
गौरतलब है कि इस संदर्भ में पुलिस विभाग और जिला प्रशासन ने समय-समय पर मीडिया के माध्यम से लाइसेंसी धारकों को आगाह किया है लेकिन उसका कुछ लोगों पर इसका असर नहीं देखा जा रहा।
पुलिस के अनुसार लाइसेंस जमा नहीं करवाने पर पुलिस की अलग से टीम तैयार की जाएगी जो लाइसेंसी बंदूक जमा नहीं करवाने वालों की रिपोर्ट तैयार करेगी। इसके बाद उनके लाइसेंस रद्द किए जाएंगे।
वहीं, जिला दंडाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के आदेशों की अवहेलना करने पर धारा 188 के तहत अदालत में मुकद्दमा भी ठोका जाएगा जिसमें छह महीने की कैद का प्रावधान भी है। लाइसेंस निरस्त होने के बाद पुलिस कभी भी बंदूक धारक के घर में दस्तक देकर हथियार को जब्त कर सकती है।
उधर, एसपी सिरमौर रोहित मालपानी ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि हालांकि सिरमौर में लगभग 90 फीसदी लोगों ने अपने हथियार जमा करवा दिए हैं लेकिन कुछ लोग अभी भी जमा नहीं करवा रहे हैं।
उन्हें 28 अक्तूबर तक का अंतिम समय दिया गया है। उसके बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एएसपी सिरमौर भागमल सिंह ने कहा कि आग्नेय शस्त्र जमा न कराने वाले लाइसेंसी धारकों के खिलाफ अब पुलिस सख्ती से पेश आएगी। जो लोग पुलिस सूचना के बाद आचार संहिता का उल्लंघन कर अपने शस्त्र जमा नहीं करा रहे हैं, उन्हें जल्द नोटिस जारी किए जा रहे हैं।