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किसाऊ बांध के विरोध में लामबंद हुए लोग

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अमर उजाला ब्यूरो
शिलाई (सिरमौर)। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर टौंस नदी में प्रस्तावित किसाऊ बांध के खिलाफ स्थानीय लोग लामबंद हो रहे हैं। इस परियोजना के बनने से उत्तराखंड और सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र के लगभग 36 गांव जलमग्न होंगे। लिहाजा, लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। रविवार को किसाऊ बांध संघर्ष समिति की बैठक का आयोजन किया गया जिसमें दोनों ही राज्यों के प्रभावित एवं विस्थापित होने वाले किसानों ने भाग लिया। बैठक में प्रस्ताव पारित कर मांग उठाई गई कि एक बांध बनाने की बजाय यदि तीन छोटी-छोटी यूनिटें बनाई जाएं तो इससे इलाके में होने वाला नुकसान कम किया जा सकता है।
बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष मातवर सिंह तोमर ने की। उत्तराखंड के क्वानू में आयोजित इस बैठक में दोनों राज्यों के सैकड़ों किसानों ने भाग लिया। बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि जल्द ही दोनों राज्यों के किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर मांगपत्र सौंपेगा। प्रधानमंत्री से मांग की जाएगी कि या तो बांध रद्द किया जाए या फिर तीन छोटी-छोटी इकाइयां बनाई जाएं। मातवर सिंह तोमर कहा कि यदि बड़ा बांध बनता है तो जलमग्न होने वाले गांव के अतिरिक्त पहाड़ी पर से दर्जनों गांवों के धंसने का भी खतरा बना रहेगा। फिलहाल वह ज्ञापन के माध्यम से केंद्र सरकार को चेतावनी दे रहे हैं। यदि केंद्र सरकार अपने फैसले पर अड़ी रही तो वह संघर्ष का बिगुल फूंक देंगे।
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इस बैठक में हिमाचल व उत्तराखंड के किसान श्याम सिंह राणा, रूपराम चौहान, बर्फिया नंद तोमर बलबीत बिनाण, दलीप सिंह, कंवर सिंह, रमेश, अमर सिंह तोमर, दिवान सिंह, दिगंबर सिंह, गुमान सिंह, नंदराम शर्मा, कलम सिंह, आत्माराम, खुशीराम भारद्वाज, सोहन सिंह, दयाराम पांडेय, सीताराम तोमर, मोहर सिंह चौहान, डॉ. बीआर जोशी, कंवर सिंह सिंगटा, धर्म सिंह, खजान सिंह सहित चार दर्जन से ज्यादा किसानों ने भाग लिया।
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2015 में हुआ था एमओयू साइन
20 जून 2015 को किसाऊ बांध के निर्माण बारे उत्तराखंड और हिमाचल राज्यों की सरकारों के बीच एमओयू साइन हुआ है। दोनों राज्यों की 3 हजार हेक्टेयर भूमि बांध से जलमग्न होगी जिनमें हिमाचल के नौ गांव आ रहे हैं। बांध के निर्माण से 44.5 किलोमीटर लंबी झील में 20 मिलीयन क्यूसेक पानी एकत्रित होगा। बांध के निर्माण की अनुमानित लागत लगभग दस हजार करोड़ रुपये हैं।
---किसाऊ बांध के विरोध में लामबंद हुए लोग
उत्तराखंड-हिमाचल की सीमा पर प्रस्तावित है बांध
प्रभावित कर रहे तीन छोटी-छोटी इकाइयों की मांग
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