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शिक्षा विभाग ने जांचा डीएवीएन स्कूल का रिकॉर्ड

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अमर उजाला ब्यूरो
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ददाहू (सिरमौर)। डीएवीएन स्कूल बस हादसे के तीन माह बाद प्रारंभिक शिक्षा विभाग की टीम ददाहू पहुंची। संयुक्त निदेशक की अध्यक्षता में गठित टीम ने ददाहू पहुंचकर स्कूल भवन का निरीक्षण करने के साथ ही स्कूल का तमाम रिकॉर्ड और स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं की जांच-परख की।
उल्लेखनीय है कि स्कूल बस हादसे के बाद स्कूल शिक्षा बोर्ड ने उपायुक्त सिरमौर की संस्तुति के बाद नौवीं और दसवीं कक्षा की मान्यता को रद्द कर दिया था। जबकि, पहली से आठवीं कक्षा तक की मान्यता स्कूल प्रबंधक के पास पहले ही से नहीं थी। मान्यता का नवीनीकरण करने के लिए स्कूल प्रबंधन ने निदेशालय के समक्ष आवेदन कर रखा था लेकिन 2018-19 का सत्र बीत जाने के बाद भी निदेशालय ने स्कूल को अगली मान्यता नहीं दी। इस वजह से स्कूल बंद होने के कगार पर पहुंच गया। यहां तक कि अभिभावकों ने भी अपने बच्चों का दाखिला दूसरे स्कूलों में करवा दिया। ऐसे में स्कूल प्रबंधन ने मान्यता को लेकर निदेशक के समक्ष अपील करके खामियों को दूर कर लिए जाने का भरोसा दिलाया। स्कूल प्रबंधन की अपील पर प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय से संयुक्त निदेशक की अध्यक्षता में टीम गठित कर स्कूल के मापदंडों से संबंधित व्यवस्थाओं को परखने और दस्तावेजों की सही जांच करने के निर्देश दिए। इसी के चलते यह टीम वीरवार को ददाहू पहुंची थी। उधर, संयुक्त निदेशक प्रारंभिक शिक्षा राकेश वशिष्ठ ने बताया कि शिक्षा निदेशालय के निर्देश पर डीएवीएन पब्लिक स्कूल ददाहू का निरीक्षण किया गया है। जांच के दौरान हर पहलू की समीक्षा की गई है। इसकी रिपोर्ट तैयार करके निदेशक प्रारंभिक शिक्षा को सौंपी जाएगी। जांच रिपोर्ट का खुलासा किए बिना उन्होंने कहा कि उन्हें केवल स्कूल में व्यवस्थाओं को परखने और रिकॉर्ड की जांच करने भेजा गया था। जांच रिपोर्ट सौंपने के बाद अगली कार्रवाई निदेशक की ओर से की जाएगी। विभाग की इस टीम में उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा विपिन कुमार, अधीक्षक तारा सिंह, अलका महिंद्रा सहित प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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यह था मामला
इस साल पांच जनवरी को ददाहू के निकट खडकोली में डीएवीएन स्कूल ददाहू की बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इसमें सात मासूम बच्चों सहित आठ लोगों की जान चली गई थी। हादसे की न्यायिक जांच में स्कूल प्रबंधन को ही इस दुर्घटना का जिम्मेदार माना गया। इसको लेकर उपायुक्त सिरमौर ने इस स्कूल की मान्यता रद्द करने की सिफारिश की थी। इस पर कार्रवाई करते हुए स्कूल शिक्षा बोर्ड ने नौवीं और दसवीं की मान्यता को तत्काल रद्द कर दिया था। जबकि, इस सत्र के लिए पहली से आठवीं तक की मान्यता शिक्षा विभाग ने नहीं दी।
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