अमर उजाला ब्यूरो
सतौन (सिरमौर)।
गिरिपार क्षेत्र के बड़वास गांव में पिछले तीन महीने से सस्ता राशन नहीं मिल रहा है। गांव के लिए खुला राशन डिपो बंद हो गया है। डिपो संचालक ने किसी वजह से डिपो नहीं चलने की अर्जी पहले ही दी थी लेकिन आचार संहिता के चलते डिपो किसी अन्य व्यक्ति को अलॉट नहीं किया जा सका। इस वजह से इलाके के ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोग सस्ते राशन से वंचित हो गए हैं। मजबूरन बाजार से महंगे दामों पर राशन खरीदना पड़ रहा है।
बड़वास गांव के पूर्व प्रधान राम लाल, पूर्व प्रधान मीत सिंह, पूर्व प्रधान खत्री सिंह, पूर्व प्रधान रमेश चौहान, जय सिंह चौहान, प्रवेश चौहान, नवयुवक मंडल प्रधान जगमोहन सिंह, उपप्रधान सुनील चौहान, धनवीर सिंह, सोहन सिंह, कर्म सिंह, शांति स्वरूप, दयाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, कर्ण नंबरदार, बाबू राम, इंद्र सिंह, मोहन सिंह चौहान, नारायण चौहान, रंजीत चौहान, रामानंद चौहान, संत राम, मनोज कुमार, साधु राम, भरत सिंह, बहादुर चौहान, इंद्र सिंह चौधरी, सीता राम, चमेल सिंह, कर्म सिंह, नोमी देवी, सुमित्रा देवी, सत्या देवी, आशा देवी, बिना देवी ने बताया कि तीन महीने से उन्हें सस्ता राशन नहीं मिल रहा है। ि पछड़े ग्रामीणों को मजबूरन दुकानों से महंगा राशन खरीदना पड़ रहा है।
कठिनाई यह है कि दुकानें भी गांव से 15 किलोमीटर दूर है जहां से राशन लाना पड़ रहा है। इससे अतिरिक्त भाड़ा भी लग रहा है। ग्रामीणों को दोगुनी मार झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि बड़वास में अधिकतर पिछड़ी जाति और बीपीएल परिवार से संबंधित लोग रहते हैं। इस कारण ग्रामीणों को दो जून की रोटी जुटा पाने में भारी परेशानी हो रही है। गरीब ग्रामीण कर्जा लेकर राशन जुटा रहे हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि जल्द इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वह आंदोलन का रास्ता अपनाने को विवश हो जाएंगे। जरूरत पड़ी तो डीसी कार्यालय के बाहर धरना भी दिया जाएगा। यदि आचार संहिता के चलते डिपो अलॉट नहीं हो सकता है तो राशन की वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए।
उधर, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग पांवटा की निरीक्षक मीना ने बताया कि बड़वास में राशन के लिए साथ लगते गांव चौकिमृगवाल के डिपो होल्डर को आदेश दिए गए थे लेकिन उसने बांटने से मना कर दिया था। अभी आचार संहिता होने के कारण किसी नए को नियुक्त नहीं किया जा सकता। उपायुक्त से आगामी बैठक यह मामला उठाया जाएगा।