अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)। कुंजा मतरालियों पंचायत के रामपुरघाट गांव में स्वाइन फ्लू के साथ बर्डफ्लू का भी खतरा है। इलाके के लोग बाग में पक्षियों का डेरा होने से चिंतित हैं। एहतियात के तौर पर इलाके में सुअर के साथ ही पक्षियों के भी सैंपल लिए हैं।
शनिवार दोपहर 11: 52 बजे डीएफओ पांवटा एसएस राणा व आरओ कल्याण सिंह टीम सहित गांव में पहुंचे। पंचायत प्रधान शिक्षा देवी, सदस्य गुलजार सिंह, सुखविंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, कल्याण सिंह, जोगेंद्र सिह, गुरमीत व जीत सिंह ने कहा कि पिछले करीब 4-5 माह पहले गांव के एक व्यक्ति ने सुअर पालन केंद्र खोला है जिसमें 45 के करीब सुअर पाले जा रहे हैं।
स्वाइन फ्लू की पुष्टि के बाद पुलिस ने सूअर पालन केंद्र को तो बंद करवा दिया है लेकिन पक्षियों का बसेरा होने से यहां बर्डफ्लू की भी आशंका है। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि कुछ वर्षों से गांव के साथ लगते आम के बाग में सैकड़ों प्रवासी पक्षी (बगुला) पहुंचते हैं जो कई माह तक डेरा जमाए हैं। कई पक्षी मर कर पेड़ से गिरते हैं। आसपास दुर्गंध फैली रहती है। इसके कारण गांव के लोग बर्डफ्लू फैलने की आशंका से भी खौफजदा हैं।
उधर, वरिष्ठ पशु चिकित्सक अमित महाजन ने कहा कि रामपुरघाट से सुअर व प्रवासी पक्षियों के सैंपल ले लिए हैं। सैंपल जांच के लिए जालंधर लैब भेजे जाएंगे। एक सप्ताह बाद लैब से रिपोर्ट मिलेगी।
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शनिवार तक 51 लोगों को टैमीफ्लू दवा वितरित : बीएमओ
पांवटा साहिब (सिरमौर)। बीएमओ राजपुर डॉ. एसएल वर्मा व बैसाखी राम ने कहा कि शुक्रवार शाम से विभागीय टीम गांव में है। अब तक 45 ग्रामीणों और 6 स्वास्थ्य कर्मियों समेत 51 लोगों को टैमीफ्लू दवा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग टीम गांव में चौकस नजर रखे हुए है। एडीसी व सीएमओ ने पंचायत प्रधान समेत ग्रामीणों को गांव में सफाई अभियान चलाने को कहा है।
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ग्रामीणों को भयभीत होने की जरूरत नहीं : सीएमओ
पांवटा साहिब (सिरमौर)। सीएमओ सिरमौर संजय शर्मा ने कहा कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। इससे भयभीत होने की जरूरत नहीं। बुखार-जुखाम के लक्षण होने पर तुरंत उपचार करवाएं। ज्यादा से ज्यादा पानी पीने व स्वच्छता का ध्यान रखने को कहा गया है। जुखाम व बुखार के मरीज को पैरास्टिामोल दवा ही दें। पांवटा के अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि रामपुरघाट क्षेत्र के मरीजों के पहुंचने पर अलग उपचार हो। स्वाइन फ्लू के लक्षण नजर आने पर ही टेस्ट सैंपल लिया जाएगा। संदिग्ध मरीज के टेस्ट सैंपल आईजीएमसी शिमला भेजे जाएंगे।
--स्वाइन फ्लू के साथ बर्ड फ्लू का भी खतरा
--सूअर पालन केंद्र तथा प्रवासी पक्षियों का बाग में ठहराव
सूअर और पक्षियों के लिए सैंपल, रिपोर्ट से खुलेंगे राज