नाहन (सिरमौर)। डॉ. यशवंत सिंह मेडिकल कॉलेज नाहन में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। हालात यह हैं कि गायनी ओपीडी में महिलाओं को पिछले तीन दिन से बिना चेकअप वापस लौटना पड़ रहा है। बुधवार को भी दर्जनों महिलाएं बिना चेकअप वापस लौट गईं। बताया जा रहा है कि ओपीडी में लगभग दो दर्जन महिलाओं का ही चेकअप हो पाया। अन्य महिलाओं से टोकन वापस लेकर उन्हें शनिवार को आने के लिए कहा गया है।
नाहन मेडिकल कॉलेज में इन दिनों सिर्फ दो ही गायनी विशेषज्ञ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। महिलाओं की सहूलियत के लिए यहां टोकन सिस्टम शुरू किया गया है। तीन दिन से महिलाएं टोकन नंबर ले रही हैं। लेकिन, शाम होने तक जब उनकी बारी आती है तो उनसे टोकन वापस मांग कर अगले दिन आने के लिए कहा जा रहा है। हालत यह है कि ओपीडी में सुबह सात बजे से ही महिलाओं की लाइन लगनी शुरू हो रही है। पूरा दिन इंतजार करने के बाद भी नंबर नहीं लग रहा। आरोप है कि ऊंची पहुंच वाले लोगों का बुलाकर चेकअप करवाया जा रहा है लेकिन, टोकन लेकर इंतजार करने वाली महिलाएं बैरंग लौटने को विवश हैं।
शिलाई, संगड़ाह, नगेता और नाहन के दूरदराज के क्षेत्रों से पहुंची महिलाएं उपचार के लिए जाएं भी तो कहां। कई महिलाएं तो ऐसी भी हैं जो 100 से 150 किलोमीटर की दूरी तय कर यहां पहुंच रही हैं। परीक्षा देवी, नीलम, पूजा, पूनम, लाजवंती, ममता देवी, नीता, आरती देवी, श्यामा देवी, स्नेहा, सरला, रेखा आस्था, प्रियंका आदि ने बताया कि वह तीन दिनों से हर रोज ओपीडी के बाहर अपनी बारी का इंतजार कर रही हैं लेकिन, उनका नंबर नहीं लग रहा। बुधवार को भी उनका नंबर नहीं आया। ओपीडी में दो चिकित्सक होने के बावजूद लगभग दो दर्जन मरीजों का ही चेकअप हो पाया। इसके बाद उनसे टोकन वापस लिए गए और शनिवार को आने के लिए कहा गया।
अस्पताल की प्रधानाचार्य डॉ. जयश्री शर्मा ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सकों की कमी है। हमारा काम सरकार से मामला उठाना है। हमारी ओर से तमाम प्रक्रिया पूरी की गई है। सिर्फ दो दर्जन मरीजों के सवाल पर उन्होंने कहा कि कॉलेज में ऑपरेशन, डिलीवरी व अन्य कार्य भी करने पड़ते हैं। जिससे ओपीडी भी प्रभावित हो जाती है।