अमर उजाला ब्यूरो
नौहराधार (सिरमौर)।
व्हाइट सीमेंट प्लांट के निर्माण को लेकर नौहराधार में विरोध के स्वर मुखर होने लगे हैं। सोमवार को पर्यावरण संघर्ष समिति की एक बैठक अध्यक्ष लक्ष्मी देवी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में समिति की सभी महिलाओं ने सीमेंट प्लांट खोलने का एक सुर में विरोध किया। उपरला उलाना में आयोजित बैठक में महिला पदाधिकारियों व सदस्यों ने सरकार द्वारा जिप्सम संस्था को लेटर ऑफ इंटेंट जारी करने का विरोध किया।
समिति की अध्यक्ष लक्ष्मी देवी ने कहा कि व्हाइट सीमेंट का कारखाना लगने से नौहराधार का पर्यावरण संतुलन बिगड़ जाएगा। इससे इलाके में प्रदूषण तो बढ़ेगा ही कृषि व बागवानी का भारी नुकसान पहुंचेगा। साथ ही सामाजिक सुरक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य पर भी इसके गंभीर परिणाम सामने आएंगे।
इस मौके पर देवामानल, नौहराधार, उलाना व हथना आदि क्षेत्रों की महिलाओं ने सीमेंट प्लांट से पैदा होने वाले जल संकट, पर्यावरण पर भी चिंता जताई। महिलाओं ने कहा कि इस प्लांट के लगने से हजारों पशु-पक्षियों का जीवन संकट में पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर अपनी प्राचीन एवं प्राकृतिक संपदा को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। समिति ने निर्णय लिया कि यदि सरकार ने नौहराधार में व्हाइट सीमेंट प्लांट खोला तो संघर्ष समिति से जुड़ीं महिलाएं देश की शीर्ष अदालत व एनजीटी में जाने से भी गुरेज नहीं करेगी।
इस मौके पर महिलाओं ने सीमेंट प्लांट के निर्माण से होने वाले नुकसान व अन्य मुद्दों पर भी गहन तरीके से चर्चा की। उल्लेखनीय है कि नौहराधार में व्हाइट सीमेंट प्लांट के निर्माण को लेकर कैबिनेट से हरी झंडी मिल गई है। इसको लेकर महिला संघर्ष समिति ने विरोध जताया है। इससे पहले भी 26 अप्रैल को भी महिलाओं ने नौहराधार में रैली निकालकर व्हाइट सीमेंट प्लांट का विरोध जताया। इस अवसर पर दुलारी देवी, सीमा देवी, रतनी देवी, अरुणा देवी, सुमन देवी, पूर्णिमा देवी,पदमी देवी, दलीप सिंह, अजय चौहान, जयपाल, विजय सिंह व उजागर सिंह आदि उपस्थित रहे।