सीबीआरआई की टीम ने मेडिकल कॉलेज के भवन का किया निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। आपदा प्रबंधन के तहत रेट्रोफिटिंग तकनीकी से जिला में 10 सरकारी भवनों को भूकंपरोधी बनाने के लिए चयनित किया गया है। सिरमौर जिला में भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा से रोकथाम के दृष्टिगत वर्ष 2018-19 में सीबीआरआई रूड़की ने एक सर्वेक्षण करवाया गया था। इसके पहले चरण में 10 सरकारी भवनों को प्राकृतिक आपदा से बचाव के लिए रेट्रोफिटिंग तकनीकी अपनाकर मजबूत करने का निर्णय लिया था।
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एलआर वर्मा ने यह जानकारी नाहन में केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) रूड़की, प्रदेश लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।
14.34 करोड़ से 10 भवनों के ढांचे होंगे सुदृढ़
जिन 10 भवनों को रेट्रोफिटिंग तकनीकी से मूजबूत करने के लिए चयनित किया है, इनमें पांच स्वास्थ्य संस्थान और पांच स्कूल शामिल हैं। रेट्रोफिटिंग तकनीकी से इन भवनों को भूकंप रोधी और अन्य प्राकृतिक आपदा में सुरक्षित रखने के लिए भवनों के ढांचे को मजबूत करने पर 14 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी।
नाहन और पांवटा के अस्पताल भी शामिल
जिन भवनों के ढांचे को रेट्रोफिटिंग तकनीकी से सुदुढ़ करने का निर्णय लिया है उसमें सिविल अस्पताल पांवटा साहिब, सिविल अस्पताल सराहां, सिविल अस्पताल कफोटा, सिविल अस्पताल राजपुरा और नाहन अस्पताल शामिल हैं। शिक्षण संस्थानों में पांवटा साहिब, शिलाई, राजगढ़, ददाहू और भगानी स्कूल शामिल हैं।
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी ने केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान रूड़की से बैठक के लिए आए सीनियर टेक्निकल ऑफिसर आईए सिद्दिकी, टेक्निकल असिस्टेंट सुगम कुमार, सीनियर टेक्निकल हिमांशु शर्मा ने विषयों को विस्तार से सुना और इनके शीघ्र कार्यान्वयन का आश्वासन दिया। जिला राजस्व अधिकारी चेतन चौहान ने बैठक का संचालन किया। इस मौके पर अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण अरविंद शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अजय पाठक समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
नाहन मेडिकल कॉलेज अस्पताल भवन का किया निरीक्षण
सीबीआरआई की टीम ने लोक निर्माण और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ डा. यशवंत सिंह परमार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में रेट्रोफिटिंग के माध्यम से सुदुढ़ होने वाले भवन का निरीक्षण भी किया।