लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह।
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श्री नयना देवी विधानसभा क्षेत्र में सड़कों की खस्ताहाल स्थिति और आपदा के बाद पुनर्निर्माण कार्यों को लेकर विधानसभा में मामला उठा। नियम-62 के तहत विधायक रणधीर शर्मा ने संपर्क सड़कों की खराब हालत, नालियों की कमी और मरम्मत कार्यों में देरी पर सवाल उठाए। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि यदि सीआईआरएफ (केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि) के तहत चल रहे कार्य स्थान पर अगर पीडीएनए (आपदा के तहत मिली राशि) का पैसा खर्च हो रहा है तो इस मामले की विभागीय जांच करवाई जाएगी।
मंत्री ने कहा कि सरकार पूरे प्रदेश को समान दृष्टि से देख रही है और ठेकेदारों की लंबित पेमेंट भी चरणबद्ध तरीके से जारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि नयना देवी क्षेत्र में कुल 132 सड़कें हैं। इनमें तीन मुख्य जिला मार्ग और 129 ग्रामीण सड़कें शामिल हैं। इनकी कुल लंबाई 519.905 किलोमीटर है। इनमें 449.423 किलोमीटर पक्की और 70.482 किलोमीटर कच्ची सड़कें हैं। पिछले तीन वर्षों में सड़क निर्माण, सुधार और उन्नयन पर विभिन्न योजनाओं के तहत 100.71 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। पीएमजीएसवाई के तहत 52.010 किलोमीटर सड़क पक्की की गई, जबकि 18.830 किलोमीटर में निर्माण संबंधी कमियां दूर की गईं। वार्षिक रखरखाव योजना के तहत 62.050 किलोमीटर सड़कों की टारिंग हुई है।
मंत्री ने बताया कि भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ से पिछले तीन वर्षों में करीब 53.03 करोड़ रुपये की सड़क क्षति का आकलन किया गया है। विधायक रणधीर शर्मा ने पूछा कि जिन सड़कों के लिए अलग से बजट स्वीकृत है, वहां आपदा पुनर्निर्माण की राशि क्यों खर्च की जा रही है। इस पर मंत्री ने दोहरे कार्य की स्थिति में जांच का आश्वासन दिया। बटैड-कनफारा और नेरी-बाड़नू सड़कों के लिए पीएमजीएसवाई चरण-4 के पहले बैच में क्रमश: 615.16 लाख और 673.63 लाख रुपये स्वीकृत हैं। दोनों कार्य 21 अप्रैल 2026 को आवंटित किए जा चुके हैं और निर्माण कार्य जारी है।