धारा 163 में ये रहेंगी पाबंदियां
धारा 163 (दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के समान है) यह सार्वजनिक व्यवस्था बनाने और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए तुरंत कार्रवाई के लिए उपयोग की जाती है। यह धारा लागू होने पर उक्त क्षेत्र में 5 या इससे अधिक लोग एकत्रित नहीं हो सकते हैं। हथियार ले जाने और नारेबाजी पर पाबंदी रहती है।
प्रदर्शन का फैसला सामूहिक
हिंदू जागरण मंच के पूर्व महामंत्री कमल गौतम ने कहा कि प्रदर्शन का निर्णय हिंदू समाज ने सामूहिक रूप से लिया है। प्रशासन ने बातचीत के लिए बुलाया था, लेकिन इसमें कार्रवाई को लेकर कोई पुख्ता आश्वासन नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यों से विशेष समुदाय के लोगों के भारी संख्या में आने से हिंदू समाज की चिंताएं बढ़ी हैं।
उपायुक्त शिमला ने बताया कि सभी संगठनों के पदाधिकारियों को बातचीत के लिए बुलाया था। शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। इसके बावजूद प्रदर्शन को देखते हुए धारा 163 लगाने का फैसला लिया - अनुपम कश्यप, उपायुक्त, शिमला
प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि शांति व्यवस्था बनाए रखें- संजीव कुमार गांधी, पुलिस अधीक्षक, शिमला