वेतन में देरी पर भड़के पर्यटन निगम के कर्मचारी, आंदोलन की चेतावनी
प्रदेश पर्यटन विकास निगम के कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलने का मामला तूल पकड़ने लगा है। पिछले दो-तीन महीनों से कर्मचारियों को करीब 20 तारीख तक वेतन मिलने से नाराज पर्यटन निगम कर्मचारी संघ ने प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है। संघ ने सरकार से निगम की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए 100 करोड़ रुपये की विशेष अनुदान राशि देने की मांग की है। होटल लेक व्यू बिलासपुर में मंगलवार को पर्यटन निगम कर्मचारी संघ की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक प्रदेश अध्यक्ष हुकम राम की अध्यक्षता में हुई। बैठक में प्रदेशभर से 50 से अधिक कर्मचारियों ने भाग लिया। भारतीय मजदूर संघ के प्रभारी डाबे राम चौहान भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
सेवाएं बंद करने की दी चेतावनी
बैठक में कर्मचारियों को हर माह पहली तारीख तक वेतन देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि वेतन में लगातार देरी से कर्मचारियों को परिवार के रोजमर्रा के खर्च चलाने में परेशानी हो रही है। उन्होंने निगम प्रबंधन से कर्मचारियों के साथ वार्ता कर वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए स्थायी समाधान निकालने की मांग की। कर्मचारी संघ ने सरकार से पर्यटन निगम को करीब 100 करोड़ रुपये की विशेष अनुदान राशि देने की मांग की। संघ के अनुसार इस राशि से सेवानिवृत्त कर्मचारियों की लंबित देनदारियों, आपूर्तिकर्ताओं के भुगतान, कर्मचारियों के लंबित एरियर और अन्य वित्तीय दायित्वों का निपटारा किया जा सकेगा। महासचिव राज कुमार शर्मा ने बताया कि संघ आगामी दो कार्य दिवसों के भीतर प्रबंध निदेशक को विस्तृत मांग-पत्र सौंपेगा। इसमें समय पर वेतन, विशेष वित्तीय सहायता और कर्मचारियों से जुड़े अन्य मुद्दे शामिल होंगे। संघ ने चेताया कि यदि जल्द ठोस नीति नहीं बनाई गई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर दिल्ली भवन सदन, चंडीगढ़ भवन, हिमाचल प्रदेश सचिवालय कैंटीन, राज्य परिधि गृह शिमला समेत निगम की 50 से अधिक इकाइयों में सेवाएं बंद करने जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे। संघ ने इसकी जिम्मेदारी निगम प्रबंधन की होने की बात कही।