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शिमला: परिवहन निगम के 700 से अधिक पेंशनरों के खातों में नहीं आई पेंशन, पुराना बस अड्डा में की नारेबाजी

Tue, 15 Sep 2026 07:19 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

 प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) से सेवानिवृत्त हुए सात सौ से अधिक पेंशनरों के खातों में अब तक अगस्त माह की पेंशन जमा नहीं हुई है।
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एचआरटीसी पेंशनरों ने किया प्रदर्शन। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) से सेवानिवृत्त हुए सात सौ से अधिक पेंशनरों के खातों में अब तक अगस्त माह की पेंशन जमा नहीं हुई है। इससे गुस्साए पेंशनर्स ने पथ परिवहन पेंशनर्स कल्याण संगठन की शिमला इकाई के बैनर तले पुराना बस अड्डा में एकत्र होकर पेंशन का हर माह समय से भुगतान करने और देय देनदारियों का भुगतान किए जाने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। इकाई के प्रधान मनोज गौतम, राज्य प्रधान देव राज ठाकुर और महासचिव राजेंद्र ठाकुर सहित अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ हुई संघ की बैठक में वित्तीय लाभ के आदेश दिए जाने के बावजूद निगम प्रबंधन जानबूझकर अदायगी करने में देरी कर रहा है।

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उन्होंने आरोप लगाया कि सितंबर माह के 15 दिन बीत जाने के बावजूद निगम से सेवानिवृत्त हुए करीब 700 पेंशनर्स के खातों में अभी तक अगस्त माह की पेंशन नहीं डाली गई है। मुख्यमंत्री के साथ हुई संघ की बैठक में निगम प्रबंधन ने पेंशन भुगतान के लिए हर माह तीन करोड़ रुपये देने की बात स्वीकार की थी मगर निगम इस राशि को समय से जारी नहीं कर रहा है। इस कारण पेंशनर्स को समय पर पेंशन नहीं मिल पा रही है। सीएम के आश्वासन के बावजूद पेंशनर्स को तीन फीसदी डीए और नाइट ओवरटाइम का भुगतान भी निगम प्रबंधन ने अभी तक नहीं किया है। जनवरी 2026 के बाद जो कर्मचारी निगम की सेवाओं से सेवानिवृत्त हुए हैं, उनकी अभी तक पेंशन शुरू ही नहीं हो पाई है। ऐसे में इन सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए अपने और अपने परिवार का पेट पालना तक मुश्किल हो गया है। संगठन ने इन पेंशनर्स की पेंशन जल्द-से-जल्द शुरू किए जाने की पुरजोर मांग उठाई है।

24 सितंबर को नालागढ़ में होगी बैठक, आंदोलन की बनेगी रूपरेखा
देव राज ठाकुर ने बताया कि आगामी 24 सितंबर को संगठन की राज्य कार्यकारिणी की नालागढ़ में बैठक होगी। इसमें जून माह में स्थगित किए गए आंदोलन और मुख्यालय के घेराव की रूपरेखा तैयार की जाएगी। प्रदर्शन से पूर्व इकाई प्रधान मनोज गौतम की अध्यक्षता में हुई पेंशनर्स कल्याण संघ की बैठक में सभी लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान सरकार से मांग उठाई गई कि देनदारियों का समय से भुगतान न करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

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वेतन में देरी पर भड़के पर्यटन निगम के कर्मचारी, आंदोलन की चेतावनी
प्रदेश पर्यटन विकास निगम के कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलने का मामला तूल पकड़ने लगा है। पिछले दो-तीन महीनों से कर्मचारियों को करीब 20 तारीख तक वेतन मिलने से नाराज पर्यटन निगम कर्मचारी संघ ने प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है। संघ ने सरकार से निगम की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए 100 करोड़ रुपये की विशेष अनुदान राशि देने की मांग की है। होटल लेक व्यू बिलासपुर में मंगलवार को पर्यटन निगम कर्मचारी संघ की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक प्रदेश अध्यक्ष हुकम राम की अध्यक्षता में हुई। बैठक में प्रदेशभर से 50 से अधिक कर्मचारियों ने भाग लिया। भारतीय मजदूर संघ के प्रभारी डाबे राम चौहान भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
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सेवाएं बंद करने की दी चेतावनी
बैठक में कर्मचारियों को हर माह पहली तारीख तक वेतन देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि वेतन में लगातार देरी से कर्मचारियों को परिवार के रोजमर्रा के खर्च चलाने में परेशानी हो रही है। उन्होंने निगम प्रबंधन से कर्मचारियों के साथ वार्ता कर वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए स्थायी समाधान निकालने की मांग की। कर्मचारी संघ ने सरकार से पर्यटन निगम को करीब 100 करोड़ रुपये की विशेष अनुदान राशि देने की मांग की। संघ के अनुसार इस राशि से सेवानिवृत्त कर्मचारियों की लंबित देनदारियों, आपूर्तिकर्ताओं के भुगतान, कर्मचारियों के लंबित एरियर और अन्य वित्तीय दायित्वों का निपटारा किया जा सकेगा। महासचिव राज कुमार शर्मा ने बताया कि संघ आगामी दो कार्य दिवसों के भीतर प्रबंध निदेशक को विस्तृत मांग-पत्र सौंपेगा। इसमें समय पर वेतन, विशेष वित्तीय सहायता और कर्मचारियों से जुड़े अन्य मुद्दे शामिल होंगे। संघ ने चेताया कि यदि जल्द ठोस नीति नहीं बनाई गई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर दिल्ली भवन सदन, चंडीगढ़ भवन, हिमाचल प्रदेश सचिवालय कैंटीन, राज्य परिधि गृह शिमला समेत निगम की 50 से अधिक इकाइयों में सेवाएं बंद करने जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे। संघ ने इसकी जिम्मेदारी निगम प्रबंधन की होने की बात कही।
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