राजधानी शिमला के जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट से अब बड़े विमानों की आवाजाही और मल्टीपल फ्लाइट्स का संचालन शुरू होगा। इसके लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के साथ महत्वपूर्ण बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। बैठक में शिमला एयरपोर्ट को विस्तार देकर दूसरा एप्रन (विमान पार्किंग क्षेत्र) बनाने पर चर्चा हुई है, जिससे यहां एटीआर 42/600 श्रेणी के बड़े विमान आसानी से संचालित हो सकें।
वर्तमान में एयरपोर्ट पर एक ही एप्रन है, जिससे एक समय में सिर्फ एक विमान की पार्किंग संभव होती है। दूसरे एप्रन के निर्माण के बाद यहां एक समय में कई विमानों की पार्किंग और उड़ानों का संचालन संभव होगा। दिल्ली से शिमला और शिमला से धर्मशाला सहित अन्य जिलों के लिए हवाई सेवाओं की संख्या बढ़ने से प्रदेश के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। अधिक संख्या में हवाई सेवाएं शुरू होने से किराये में भी कमी आएगी। बैठक में शिमला एयरपोर्ट पर उड़ान संचालन समय दोपहर 1 बजे से बढ़ाकर शाम 4 बजे तक करने पर भी विचार किया गया है, जिससे एयरलाइंस के पास शेड्यूल के लिए अधिक विकल्प उपलब्ध हों। इसके अलावा संजौली, रामपुर, कल्पा, बद्दी और कंगनीधार में हेलीकाप्टर सेवाएं शुरू करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
सरकार का उद्देश्य हिमाचल में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत बनाना है, जिससे स्थानीय लोगों, पर्यटकों और उद्योग जगत को लाभ हो सके। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई है। -
देवेश कुमार, प्रधान सचिव पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन