शारदीय नवरात्र की अष्टमी-नवमी के पावन अवसर पर सोमवार को शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। हिमाचल के पांच प्रमुख मंदिरों में करीब 1.17 लाख भक्तों ने मां के दरबार में शीश नवाकर सुख-समृद्धि की कामना की। ज्वालामुखी मंदिर में 45 हजार, बज्रेश्वरी मंदिर कांगड़ा में 21 हजार और चामुंडा श्री नंदिकेश्वर धाम में लगभग 9 हजार श्रद्धालु पहुंचे। माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में माता रानी को 56 प्रकार के भोग अर्पित किए गए।
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इसके साथ ही मंदिर में नारियल की सात्विक बलि देने की परंपरा का भी निर्वहन किया गया। सोमवार को करीब 17 हजार श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में शीश नवाकर पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की। श्री नयनादेवी मंदिर बिलासपुर में 25 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका। ज्वालामुखी मंदिर के कपाट 24 घंटे खुले रहे, जबकि बज्रेश्वरी मंदिर के द्वार सुबह तीन बजे ही श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।