हिमाचल प्रदेश में पंचायत तकनीकी सहायकों को न्यूनतम वेतन देने के हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के निर्देश पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है और इस पर 25 नवंबर तक जवाब मांगा है।
सुप्रीम कोर्ट में यह मामला शुक्रवार को सुनवाई के लिए लगा था। हाईकोर्ट की एकल पीठ ने इन्हें न्यूनतम वेतन देने और नियमित करने के निर्देश जारी किए थे। सुप्रीम कोर्ट ने अब हाईकोर्ट के निर्देश पर रोक के यह आदेश स्टेट ऑफ हिमाचल प्रदेश बनाम मोहित लाल एसएलपी पर दिए हैं। इस पर सुनवाई न्यायमूर्ति सूर्यकांत और उज्जल भुइयां की खंडपीठ ने की।
हाईकोर्ट ने 25 सितंबर, 2023 को तकनीकी सहायकों को दैनिक वेतनभोगी व अन्य सभी वित्तीय लाभ देने के निर्देश दिए थे, जिनकी अनुपालना विभाग ने नहीं की थी। अदालत ने पंचायत में कार्यरत तकनीकी सहायकों को नियमित करने के भी निर्देश दिए थे। अदालत में पंचायतीराज विभाग की ओर से कहा गया था कि तकनीकी सहायक जिला कैडर में आते हैं, ऐसे में पंचायतीराज विभाग इसके लिए जिम्मेवार नहीं है। हाईकोर्ट ने नियमितीकरण मामले में अदालत के निर्देश की अवमानना करने पर पंचायत सचिव सहित निदेशक की गाड़ी जब्त करने के आदेश दिए थे। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।