अधिसूचना में अधिगृहीत की जाने वाली भूमि के खेवट, खतौनी और खसरा नंबर का भी विवरण दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अधिसूचना जारी होने के बाद संबंधित भूमि की बिक्री, खरीद या अन्य किसी तरह का लेनदेन भूमि अधिग्रहण कलेक्टर की पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा। प्रभावित भूमि मालिक अधिसूचना प्रकाशित होने के 60 दिनों के भीतर अपनी आपत्तियां दर्ज करवा सकेंगे। इसके लिए भूमि अधिग्रहण कलेक्टर एवं एसडीएम उदयपुर के समक्ष आवेदन करना होगा। सरकार ने परियोजना को अत्यावश्यक श्रेणी में रखते हुए सामाजिक प्रभाव आकलन (एसआईए) अध्ययन नहीं करवाने का निर्णय लिया है। हालांकि, भूमि अधिग्रहण से प्रभावित होने वाले परिवारों का विस्तृत ब्योरा बाद में उपलब्ध करवाया जाएगा।