हिन्दू संगठनों का कहना है कि मस्जिद का अभी तक बिजली-पानी का कनेक्शन नहीं काटा गया है, जबकि मस्जिद को गिराने के आदेश दिए कई महीने हो गए हैं। देवभूमि संघर्ष समिति के सह-संयोजक मदन ठाकुर ने प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि वो सिर्फ धार्मिक पाठ करना चाहते थे, लेकिन प्रशासन इसे बेवजह विवादास्पद बना रहा है।
हनुमान चालीसा का पाठ करने पर कार्रवाई की बात की गई और उन्हें बेवजह रोका गया। उनका कहना है कि आने वाले शुक्रवार को अगर मस्जिद में नमाज पढ़ी गई तो वे शहर को चक्का जाम कर देंगे। उन्होंने कहा कि जब मस्जिद को अवैध घोषित किया गया है तो इसमें नमाज अता करने पर भी रोक होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिस तरह हमारे पूर्वजों ने हिमाचल हमें सुरक्षित सौंपा है, इसी तरह का यह आगे भी सुरक्षित रहे। यही उम्मीद हम सरकार से भी कर रहे हैं। इस मौके पर उन्होंने सामान बेचने वालों की वेरिफिकेशन मांग भी उठाई। उन्होंने कहा की ज्यादातर रेहड़ी-फड़ी लगाने वाले एक विशेष समुदाय के हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
देवभूमि संगठन के सह संयोजक विजय शर्मा ने कहा कि मस्जिद के समीप गण देवता का स्थान है, हम लोग वहां जाना चाह रहे थे, लेकिन हमें पुलिस ने रोक दिया उन्होंने प्रशासन पर जल्द से जल्द मस्जिद के अवैध किसी को गिराने की मांग की है।