संजौली मस्जिद में हुए कथित अवैध निर्माण के बाद सोशल मीडिया पर उकसाने वाले 35 लोगों की पुलिस ने पहचान की है। पुलिस के मुताबिक यह लोग लगातार सोशल मीडिया पर लोगों को विशेष समुदाय के खिलाफ भड़काने का काम कर रहे हैं। इसको देखते हुए साइबर सेल की टीम ऐसे लोगों पर लगातार निगरानी रखे हुए है। इन लोगों के खिलाफ पुलिस जल्द एफआईआर करेगी।
वहीं संजौली में 11 सिंतबर को हुए प्रदर्शन के मामले की जांच में पुलिस अभी तक आठ एफआईआर दर्ज कर चुकी है। इसमें धारा 163 को तोड़ने के अलावा पुलिस पर पत्थरबाजी करना, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत अन्य मामले शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन से पहले संजौली में दो जगह बैठकें हुईं थीं। इनमें प्रदर्शन को लेकर पूरी योजना बनाई गई थी। होटल में हुई बैठक की सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस ने कब्जे में ले ली गई है। पुलिस प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाजी करने वाले 70 लोगों की पहचान कर चुकी है और इनकी जल्द गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान लोहे की रॉडें, छैणी और हथौड़े भी बरामद किए गए हैं। एसपी शिमला संजीव कुमार गांधी ने बताया कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
वक्फ बोर्ड की संपत्ति को लेकर भ्रामक प्रचार करने पर केस दर्ज
संजौली में वक्फ बोर्ड की संपत्ति को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार करने पर पुलिस ने एक व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने वक्फ बोर्ड की 1.56 बीघा जमीन को 156 बीघा बताया था। इस आधार पर लोगों को उकसाने का काम किया जा रहा था। इसे देखते हुए पुलिस ने ढली थाना के अंतर्गत आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।