विश्व प्रसिद्ध रोरिक आर्ट गैलरी नग्गर में पहली बार इंडियन क्यूरेटर (संचालक) की नियुक्ति कर दी गई है।
रमेश चंद शर्मा की नियुक्ति का जिला प्रशासन को शिमला से एक पत्र मिला है। वे शीघ्र की कार्यभार ग्रहण करेंगे।
8 सितंबर 2012 तक ट्रस्ट में क्यूरेटर और कार्यकारी निदेशक का काम डा. अलेना आदमकोवा देख रही थीं।
डा. अलेना आदमकोवा के रशिया लौट जाने के बाद शिमला में हुई रोरिक ट्रस्ट की कार्यकारिणी की बैठक में दो निदेशक नियुक्त करने का निर्णय लिया गया।
ट्रस्ट में दो क्यूरेटर नियुक्त करने के पीछे मुख्य उद्देश्य ट्रस्ट के कामकाज के संचालन में संतुलन बनाए रखना था।
इसके बाद अक्तूबर 2012 को रोरिक ट्रस्ट में रशियन क्यूरेटर डा. लरिसा सुरगिना ने तो पदभार ग्रहण कर लिया, लेकिन ट्रस्ट में भारतीय क्यूरेटर का पद खाली चल रहा था।
भारतीय क्यूरेटर का अतिरिक्त कार्यभार जिला भाषा अधिकारी देख रहे थे।
उपायुक्त कुल्लू एवं रोरिक ट्रस्ट के निदेशक राकेश कंवर ने बताया कि ट्रस्ट में भारतीय क्यूरेटर की नियुक्ति के बारे में उन्हें शिमला से एक पत्र प्राप्त हुआ है।
ट्रस्ट में रमेश चंद शर्मा को भारतीय क्यूरेटर के रूप में नियुक्ति दी गई है। उन्होंने कहा कि रमेश चंद शर्मा शीघ्र ही अपना कार्यभार ग्रहण करेंगे।
प्रवक्ता ने बताया कि नगद, चैक एवं डिमांड ड्राफ्ट से भुगतान करने के लिए चालान प्राप्त करने के लिए जमाकर्ता को वेबसाइट पर लॉग इन करना होगा।
वे ऐसे चालान संबंधित ट्रेजरी से भी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कोई भी परेशानी आने पर ई-मेल पर रिपोर्ट की जा सकती है, जिसका तुरंत समाधान किया जाएगा।
प्रणाली के पूरी तरह क्रियान्वयन के लिए मैनुअल रूप से भरे जाने वाले चालान को बंद किया जाएगा।
इस प्रणाली के माध्यम से चालान प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
हालांकि, इस प्रणाली के माध्यम से चालान प्राप्त करने की सुविधा राज्य के विभिन्न ट्रेजरी कार्यालयों द्वारा प्रदान की जाएगी।
जमाकर्ता इस सुविधा का लाभ आवश्यक विवरण के साथ ट्रेजरी कार्यालय से उठा सकता है।