सरकार ने इस पर विचार करने के बाद आईपीपीबी को अधिकृत एजेंसी के रूप में शामिल करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के तहत पेंशनर हर जिले में स्थित आईपीपीबी शाखाओं से सुविधा ले सकेंगे। प्रदेश के डाकघरों में भी यह सुविधा मिलेगी। घर-घर जाकर उपलब्ध कराई जाने वाली डोरस्टेप सेवा के माध्यम से भी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र सत्यापित करवाया जा सकेगा। इससे विशेष रूप से बुजुर्ग, दिव्यांग और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले पेंशनरों को बड़ी राहत मिलेगी। इन पेंशनरों को प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। वित्त विभाग ने सभी जिला कोषाधिकारियों और कोष अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अधिक से अधिक पेंशनरों को इस नई सुविधा की जानकारी देने को कहा गया है। अधिकारियों को पेंशनरों को आईपीपीबी एवं डाकघरों के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।