शांदल से ऊपर बाहलीधार सडक ,क्षतिग्रस्त
भूस्खलन से जगह-जगह क्षतिग्रस्त हुई सड़क, बागवानों की बढ़ीं मुश्किलें
बारिश से कई नाले रहे उफान पर, सहमे लोग, घरों से बाहर निकलने को किया मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा/रामपुर बुशहर। रामपुर विकास खंड में लालसा-बाहलीधार वाया शांदल सड़क भूस्खलन से कई जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। इस सड़क से यातायात बाधित हो गया है। इससे करीब 7 पंचायतों की हजारों की आबादी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बुधवार रात को तेज बारिश होने से बाहलीधार और शांदल की सीमा में नाले उफान पर थे। इस कारण शांदल से ऊपर बाहलीधार तक सड़क करीब ढाई किलोमीटर का हिस्सा जगह-जगह भूस्खलन और चट्टानें गिरने से क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके कारण वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण विराम लग चुका है। वाया डंसा पनोली सड़क भी दामणी के पास बंद हो चुकी है। बुधवार देर रात को मूसलाधार बारिश ने खूब कहर बरपाया। बाहलीधार की सीमा से सटे गांव डिबरी नाग और बेसडी के ग्रामीण दहशत से रात को घरों से बाहर निकल आए। बारिश से सड़कें जलमग्न हो गईं और नालों का जलस्तर बढ़ गया। इस कारण कई घरों में पानी घुस गया। गनीमत रही कि जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। सड़कें बंद होने से बागवानों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं।
नोगवैली के मध्यम और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब सीजन शुरू हो चुका है। ऐसे में बागवानों को चिंता सताने लगी है कि कैसे सेब की पेटियों को मंडियों तक पहुंचाया जाए। बीते साल 12/20 वैली के ऊपरी क्षेत्रों से हजारों सेब की पेटियों को इसी सड़़क से छोटे बड़े वाहनों के जरिये मंडियों तक भेजा गया था। वहीं, श्रद्धालुओं को भी माता श्राईकोटी की तरफ आने जाने में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। प्रगतिशील बागवानों में यशपाल, घनश्याम, श्याम मुरारी, प्रकाश, विजय कुमार, यशवंत, सुंदर सिंह, बंसी लाल और भगत सिंह सहित सैकड़ों बागवानों ने लोक निर्माण विभाग से जल्द दोनों छोर से गुजरने वाली अवरुद्ध सड़कों को बहाल करने की मांग उठाई है। उधर, लोक निर्माण विभाग रामपुर के अधिशासी अभियंता एसके नेगी ने कहा कि भारी बारिश से सड़कें अवरुद्ध हुई हैं। उन्होंने कहा कि लालसा बाहलीधार सड़क लालसा से आगे शांदल तक दुरुस्त की जा रही है। बाहलीधार की तरफ जगह-जगह सड़क अवरुद्ध हुई है। जल्द मशीनरी लगा कर खोलने के प्रयास किए जाएंगे।