मलकू माजरा स्थित राधा अष्टमी पर कीर्तन करते हुए स्थानीय लोग। संवाद
मलकूमाजरा के हरे कृष्णा गोशाला में मनाई राधा अष्टमी
स्थानीय लोगों की ओर से आयोजित किए गए कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। मलकूमाजरा स्थित हरे कृष्णा गोशाला में शनिवार को राधा अष्टमी पर्व मनाया गया। इस मौके पर गोशाला स्थित राधा कृष्ण मंदिर में पूजा अर्चना, कीर्तन और भंडारे का आयोजन किया गया। पर्व को लेकर मंदिर परिसर को बेहतर तरीके से सजाया हुआ था। राधा अष्टमी पर्व के लिए शनिवार सुबह मंदिर में आचार्य मनोहर लाल, कृष्ण दत्त शर्मा, महेश शर्मा ने राधा कृष्ण का पूजन किया। इसके बाद हम हाथ उठा कर कहते हैं हम हो गए राधा रानी..., बिना पीए नशा हो जाता है जब राधा रानी को गाता है...समेत कई कर्णप्रिय भजन सुनाए। भजनों की धुन पर श्रद्धालु देर तक झूमते रहे।
आचार्य मनोहर लाल ने बताया कि जन्माष्टमी के पंद्रह दिन के बाद भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को राधा रानी का जन्म दिन होता है। जिसे राधा अष्टमी के रूप में मनाते है। हरे कृष्णा गोशाला में हर वर्ष इस पर्व को बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। राधारानी राजा वृषभान व कृति की बेटी थी। लेकिन इनका जन्म नहीं वे स्वयं प्रकट हुई थीं। राजा वृषभान के संतान नहीं थी और भगवान का तप करने के बाद माता लक्ष्मी के रूप में राधारानी पैदा हुई थीं। कीर्तन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर गो सेवा आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अशोक शर्मा, कृष्ण कुमार कौशल, राजेश गुप्ता, राम आसरा, चमन ठाकुर, सुरेंद्र सिंह, संजय शर्मा, गुरमुख सिंह, शीला कौशल समेत गणमान्य लोग उपस्थित रहे।