गिरि खड्ड में गाद आने के कारण बंद पानी की लिफ्टिंग
पुरानी फिल्टर प्रणाली बनी सिरदर्द, हजारों लोग परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। ठियोग कस्बे में पिछले चार दिनों से पेयजल सप्लाई बाधित होने से लोग परेशान हैं। कस्बे को सैंज की गिरि खड्ड से पानी की सप्लाई मुहैया करवाई जाती है। इन दिनों क्षेत्र में बारिश होने का सिलसिला रुक-रुक जारी है, जिसके कारण गिरि खड्ड में गाद बढ़ने से पानी की लिफ्टिंग बंद है। कई वर्षों से गिरि खड्ड में मिट्टी फेंकने का असर बरसात के दिनों में पेयजल योजनाओं पर पड़ता है। ठियोग कस्बे के अलावा गिरि खड्ड से कई पेयजल योजनाओं के लिए पानी की लिफ्टिंग की जाती है। लोगों को टैंकरों में पानी मंगवाना पड़ा रहा है, जिसके कारण आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
उधर, जलशक्ति विभाग के एसडीओ एमए शेख ने बताया कि गिरि खड्ड में गाद बढ़ने के कारण पानी की लिफ्टिंग पर असर पड़ा है। शनिवार को गाद कम हो गई है। रात के समय पंप चलाए जाएंगे, जिसके बाद कस्बे में पेयजल आपूर्ति की जा सकेगी।
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ट्यूब सेटलर और रेपिड सैंड फिल्टर प्रणाली की जरूरत
सैंज-ठियोग पेयजल योजना में पानी की लिफ्टिंग के लिए चार स्लो-सैंड फिल्टर लगाए गए हैं। इन फिल्टरों में सबसे ऊपर रेत, कम आकार की जीरा रोड़ी, मध्यम आकार की पत्थर रोड़ी और अंत में चार मिलीमीटर के पत्थरों की फिल्टर प्रणाली से पानी साफ किया जाता है। अधिक सिल्ट आने की वजह से रेत में मिट्टी के कण फंसने से यह फिल्टर काम करना बंद कर देते हैं।
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विभाग के पास गाद बैठने के अलावा कोई चारा नहीं
विभाग के पास बारिश रुकने और सिल्ट कम होने तक का इंतजार करने के अलावा कोई चारा नहीं है। गाद कम होने के बाद ही पंप चलाकर फिल्टर भरने और दूसरे चरण के कंडा स्थित टैंक तक पानी लिफ्ट करने का काम किया जाता है। कस्बे के लिए अमृत-2 योजना के अंतर्गत लगभग 15 करोड़ की लागत से नई पेयजल योजना का काम पूरा हो चुका है। इस योजना के शुरू होने के लिए ट्रांसफार्मर की जरूरत है। इस योजना के तहत सभी वार्डों में रोजाना पेयजल आपूर्ति की जा सकेगी। योजना के शुरू होने के लिए विभाग ने अगस्त तक की समयसीमा निर्धारित की है। योजना के काम करने की सूरत में पिछले कई दशकों से पेयजल समस्या से जूझ रहे ठियोग के नागरिकों को राहत मिल पाएगी।