रामपुर बुशहर। जलरक्षकों ने अनुबंध में शामिल करने की अवधि 12 वर्ष से घटाकर 8 वर्ष करने की मांग उठाई है। जल रक्षकों ने कहा कि महंगाई के दौर में उन्हें बहुत कम वेतन दिया जा रहा है। इससे उनके लिए परिवार का पालन-पोषण करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। महासंघ की उपाध्यक्ष सत्या देवी ने कहा कि बैठक में अनुबंध अवधि कम करने की मांग जोरशोर से उठी। इस दौरान वेतन बढ़ोतरी का मुद्दा भी खूब गरमाया। बैठक में जल रक्षकों को पेश आ रही विभिन्न समस्याओं को लेकर गहनता से मंथन किया गया।
उन्होंने कहा कि जल रक्षकों को महंगाई और दिनभर कार्य करने के अनुरूप में 9300 रुपये मासिक वेतन दिया जाए। उन्हें अनुबंध में शामिल करने की अवधि 12 वर्ष से घटाकर 8 वर्ष किया जाए। इसके अलावा माध्यमिक स्तर से कम पढ़े लिखे या अशिक्षित जल रक्षकों को शिक्षा को शर्त में छूट देकर उन्हें अनुबंध में शामिल करने की मांग उठाई गई। बैठक में चर्चा की गई कि जल शक्ति विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी के चलते जलरक्षक पूरे दिन सेवाएं दे रहें हैं।
कोविड महामारी के दौर में भी जलरक्षकों ने जान की परवाह किए बिना पूरी निष्ठा से फर्ज निभाया है। बावजूद इसके उन्हें मात्र 3600 रुपये दिए जा रहे हैं। इतने कम मानदेय में लगातार बढ़ रही महंगाई के दौर में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। महासंघ ने प्रदेश सरकार से उपरोक्त मांगों को समय रहते पूरा करने की गुहार लगाई है। इस मौके पर सत्या देवी, तारामणी, धर्मपाल मल्होत्रा, यशवंत सिंह, साहिल कौशल, राजकमल जिष्टू, मेहर सिंह, मस्तराम, अमर सिंह, रमेश कुमार, रूप सिंह, राकेश और गोपाल सहित कई अन्य मौजूद रहे।