सड़कों की जियो टेगिंग का प्रथम चरण का कार्य पूरा
हजारों किसान-बागवानों को नकदी फसलों को मंडियों तक पहुंचाने में होगी आसानी
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। ठियोग उपमंडल में हजारों लोगों को सड़क सुविधा की सौगात मिलेगी। उपमंडल के केलवी जिला परिषद वार्ड के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए नई 35 सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिससे 250 से अधिक आबादी वाले गांव सड़क सुविधा से जुड़ेंगे। इसके लिए प्रथम चरण में जियो टेगिंग का कार्य पूरा हो चुका है। केलवी वार्ड के जिला परिषद सदस्य मदन वर्मा ने बताया कि 20 दिसंबर को मतियाना में पंचायत प्रतिनिधियों, समाजसेवियों और अन्य संगठन प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। इस बैठक में क्षेत्र के हर गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने पर चर्चा की गई थी। इसके बाद इन सड़कों के निर्माण पर सहमति जताई गई। बैठक में 250 या उससे अधिक की जनसंख्या वाले गांवों को इस श्रेणी में रखा गया है। बैठक में चिह्नित सभी सड़कों का विवरण विभाग को दिया गया है। योजना के तहत सभी सड़कों के जियो टेगिंग का प्रथम चरण का कार्य पूरा कर दिया गया है। सड़क निर्माण के लिए चरणबद्ध तरीके से तेजी से कार्य किया जा रहा है। इन सड़कों के कार्य की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के मुख्य अभियंता की जांच के बाद प्रदेश स्तर के पोर्टल पर अनुमोदित की जाएगी। सड़क निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से जिला ग्रामीण सड़क योजना को मंजूरी के लिए आवेदन किया जाएगा। आवेदन स्वीकार होने के बाद प्रदेश सरकार इसे प्रधानमंत्री गति शक्ति पोर्टल पर केंद्रीय सरकार की मंजूरी के लिए पोर्टल पर आग्रह करेगी। इन सड़कों के निर्माण में करोड़ों रुपये की धनराशि खर्च होने का अनुमान है। केंद्र की अनुमति मिलने के बाद सड़क निर्माण की डीपीआर और टेंडर की अंतिम प्रक्रिया को अमल में लाया जाएगा। वन विभाग से स्वीकृति मिलने के बाद ही सड़कों की डीपीआर प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जिला परिषद सदस्य मदन वर्मा ने स्थानीय ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों से निर्माण प्रक्रिया में सहयोग की अपील की है। सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों के बागवानों और किसानों को फायदा मिलेगा। यह क्षेत्र सेब सहित अन्य फलों-सब्जियों के उत्पादन के लिए माना जाता है। सड़कों के बन जाने के बाद लोगों को अपनी नकदी फसलों को मुख्य सड़क मार्ग तक पहुंचाने में सुविधा मिल पाएगी।
इन सड़कों का किया जाएगा निर्माण
उपमंडल ठियोग में 250 से अधिक आबादी वाले गांव को जोड़ने के लिए बील-रेगटू, बनिया नाला-रायोग, कोट-लतीयाना-काच्ची, शिलारू-रीकटा, मेड़ी-मढ़धार, चीउन नाला-कलांटू, बेवन-रिहान मनलोग, माहोरी-दरजोलीधार, धार-रिहान, धार-दताना-बीरगढ़-कलहार, छैला-माहोरी-नमाना-कड़ोंठ, क्यार-कलाहर-सांबर, संधू-बिश्डी, मझराणा डिब्बा-डोडरा-गडला, चूडग्राम-बगैन, बनावग-लाफू, ढकाना-कीलरा, शिलारू-रछान-कलजार, सुनार घाटी-करानी, मलयाना-पटाडा सबलोग शडी, मतियाना-माहौरी सडक़ से चमरोथ, रोनी-करयाली, मलयाना-सबलोग, बाता नाल-चोडल केवकली, लौउली-पलगेंड, थाथल नाला-थाथल, दलोग घाटी-गागन घाटी, केलवी-घढ़ा एचीउडी, हीमरी-खनेउ थनोला-नमाना, डोबा जदरेयां-कडाना, सरीवन-पलाना-कराली-कमाह, बलेच-गवाही-जदेवग, नन्नी-नाग, माहोग-पालट-डेलोगाढ़ और गुठान-बोहल-कोट मंदिर सड़क का निर्माण किया जाएगा।