सरकारी बस न होने के कारण लोगों को निजी टैक्सियों और वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)।
नेरवा तहसील की गढ़ा पंचायत के ग्रामीण चार साल से सरकारी बस सेवा का इंतजार कर रहे हैं। गढ़ा को नेरवा से जोड़ने वाली सड़क चार साल पहले बनकर तैयार हो चुकी है। प्रशासन ने तीन साल पहले सड़क को बस समेत भारी वाहनों की आवाजाही के लिए पास कर दिया था। इसका फिटनेस प्रमाणपत्र भी जारी किया गया था। इसके बावजूद हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बस सेवा आज तक शुरू नहीं हो पाई है। यह स्थिति ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। सरकारी बस न होने के कारण लोगों को निजी टैक्सियों और वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके लिए उन्हें कई गुना अधिक किराया चुकाना पड़ता है। नेशनल सेविंग स्टेट एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य और गढ़ा पंचायत के पूर्व उपप्रधान दिनेश घुंटा ने बताया कि पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण कई बार निगम के उच्च अधिकारियों से मिल चुके हैं। बस सेवा शुरू करने के लिए लगातार पत्राचार भी किया गया। हालांकि, अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। दिनेश घुंटा ने बताया कि गढ़ा रूट पर बस सेवा शुरू होने से गढ़ा पंचायत के गढ़ा, बजाथल, खांनटी, कोंथाली, बसुआ और घुनटाड़ी गांवों के लोगों को सुविधा मिलेगी। निकटवर्ती पोलिया और केदी पंचायतों के ग्रामीण भी इससे लाभान्वित होंगे। क्षेत्र के कई ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री से बस सेवा शुरू करने की मांग की है। इनमें पूर्व उपप्रधान गोविंद घुंटा भी शामिल हैं। उन्होंने गढ़ा रूट पर प्राथमिकता के आधार पर बस सेवा शुरू करने का आग्रह किया है।
बसों और स्टाफ की कमी से दिक्कत
नेरवा डिपो में वर्तमान में बसों के साथ-साथ चालकों और परिचालकों की कमी है। इस कारण नए रूट शुरू करने में दिक्कत आ रही है। जैसे ही डिपो को नई बसें और पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध होगा, गढ़ा रूट पर प्राथमिकता के आधार पर बस सेवा शुरू कर दी जाएगी। यह समस्या स्टाफ की उपलब्धता से जुड़ी है।
- अनिल शर्मा, प्रबंधक, परिवहन निगम नेरवा डिपो