पेयजल सप्लाई में लगातार आ रहा मिट्टी वाला पानी, जल शक्ति विभाग ग्रामीणों के स्वास्थ्य के साथ कर रहा खिलवाड़
ग्रामीणों ने विभाग से शीघ्र फिल्टर बेड को दुरुस्त करने की उठाई मांग
बीरबल नेगी
सांगला (किन्नौर)।
किन्नौर जिले की निचार पंचायत में 15 दिन से जल शक्ति विभाग की पेयजल लाइन में मटमैला पानी आ रहा है। ग्रामीण मटमैला पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जल शक्ति विभाग से जल्द समस्या का समाधान करने की मांग उठाई है।निचार पंचायत के निगानी, काश्पो, ग्रादे, ग्रांगे और पूजे गांव के हजारों की आबादी को मजबूरन मटमैला पानी पीना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने मटमैला पानी की सप्लाई होने की सूचना जल शक्ति विभाग को दी थी, लेकिन अब तक पानी की आपूर्ति में कोई सुधार नहीं हुआ है। ग्रामीणों में विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग को समय रहते खराब पड़े फिल्टर बेड को ठीक करना चाहिए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जल शक्ति विभाग की ओर से ब्लीचिंग पाउडर तक नहीं डाला जा रहा है। लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। भाजपा निचार मंडल अध्यक्ष ज्ञावा पालदेन नेगी, बीडीसी सदस्य निचार सुनील नेगी, वार्ड सदस्य भारत भूषण नेगी, अविनाश नेगी, सुनीता नेगी और प्रदीप कुमार नेगी समेत कई अन्य लोगों ने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और जल शक्ति विभाग से जल्द स्वच्छ जल की नियमित सप्लाई मुहैया करवाने की मांग उठाई है ताकि लोगों का स्वास्थ्य खराब न हो।
दो सप्ताह पहले छोथ कंडे में बाढ़ आने की वजह से थोड़ी दिक्कतें जरूर थी। लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए साथ लगते डेया नाले से ग्रामीणों को सप्लाई दे दी गई है। फिलहाल, गंदा पानी की कोई सूचना नहीं मिली है। यदि वास्तव में ऐसी स्थिति होगी तो समस्या को सुलझाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा, ताकि लोगों को असुविधाएं न हो।
अक्षय नेगी, सहायक अभियंता, जल शक्ति विभाग, भावानगर