विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत उपायुक्त किन्नौर ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
7 दिन तक सीमावर्ती क्षेत्रों में जानकारी जुटाएंगे देश के विभिन्न हिस्सों से आए 100 युवा प्रतिभागी
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। देश के विभिन्न राज्यों से आए युवा किन्नौर जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों की संस्कृति, परंपरा, रीति-रिवाज और ग्रामीणों के आजीविका साधनों के बारे में जानकारी जुटाएंगे। विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत किन्नौर पहुंचे 100 युवाओं को उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने शनिवार को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अब ये युवा अगले 7 दिन तक सीमावर्ती 20 गांवों में पहुंचकर व्यापक जानकारी हासिल करेंगे।
माई भारत, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार और आईटीबीपी के सहयोग से आयोजित विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम शनिवार को एक महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर गया, जब 100 युवा प्रतिभागियों को हिमाचल प्रदेश के किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों के सीमावर्ती गांवों के लिए रवाना किया गया। देश के विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व कर रहे इन प्रतिभागियों ने 3 से 5 जून तक आईटीबीपी बेस कैंप रिकांगपिओ में आयोजित तीन दिवसीय अनुकूलन एवं ओरिएंटेशन कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा किया। इस अवधि के दौरान आईटीबीपी की ओर से आवास, भोजन, चिकित्सा सहायता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गईं। शनिवार को आईटीबीपी बेस कैंप रिकांगपिओ से प्रतिभागियों की पांच बसों को उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा, कमांडेंट आईटीबीपी सुनील कुमार और सहायक आयुक्त विपन ठाकुर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन प्रतिभागियों को किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिले के पांच क्लस्टरों में स्थित 20 गांवों में भेजा गया है। अब ये प्रतिभागी अगले सात दिन तक इन गांवों में रहकर स्थानीय समुदायों के जीवन को निकटता से समझेंगे। उन्हें सीमावर्ती क्षेत्रों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं, रीति-रिवाजों, आजीविका के साधनों और सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों को प्रत्यक्ष रूप से जानने का मौका मिलेगा। यह कार्यक्रम युवाओं में सीमांत क्षेत्रों के प्रति समझ विकसित करने और राष्ट्रीय एकता और अखंडता की भावना को सुदृढ़ करने का कार्य करेगा।
कार्यक्रम के तहत आईटीबीपी की ओर से प्रतिभागियों के लिए हथियार प्रदर्शन, ट्रेकिंग अभियान और लेचा एवं शिपकी ला दर्रे के शैक्षणिक भ्रमण भी आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को सीमावर्ती क्षेत्रों के जीवन, वहां की चुनौतियों और देश की सुरक्षा में सुरक्षा बलों की महत्वपूर्ण भूमिका को समझने का अवसर मिलेगा। विकसित भारत वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम एक अनूठी पहल है, जिसका उद्देश्य देश के युवाओं को सीमावर्ती क्षेत्रों से जोड़ना, राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना और सीमावर्ती गांवों के सामरिक एवं विकासात्मक महत्व के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना है।
विभिन्न गतिविधियों में भाग लेंगे प्रतिभागी, हर गांव में होगी दो आईटीबीपी जवानों की तैनाती
गांवों में प्रवास के दौरान प्रतिभागी विभिन्न सामुदायिक गतिविधियों में भाग लेंगे। इनमें स्वच्छता अभियान, पौधरोपण अभियान, खेल प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम, जन-जागरूकता अभियान, स्थानीय निवासियों के साथ संवाद और सामुदायिक सेवा गतिविधियां शामिल हैं। इसके अलावा उन्हें ग्राम पंचायतों, ग्राम सभाओं और स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्थाओं की कार्यप्रणाली को समझने का अवसर भी प्राप्त होगा, जिससे उन्हें जमीनी स्तर पर लोकतंत्र एवं ग्रामीण विकास की प्रक्रियाओं की बेहतर जानकारी मिल सकेगी। प्रतिभागियों की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक गांव में आईटीबीपी के दो जवान तैनात किए गए हैं, जबकि आईटीबीपी की चिकित्सा टीम 24 घंटे उपलब्ध रहेगी, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की जा सके।