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Rampur Bushahar News: रामपुर में हाउस टैक्स पर असमंजस, दरें स्पष्ट करने की मांग

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आपत्ति दर्ज करवाने का मंगलवार को था अंतिम दिन, लोगों की आवश्यक सुधार की मांग
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मुख्य बाजार और आसपास के क्षेत्रों में एक समान टैक्स को बताया अनुचित
पुराने और नए निर्धारित टैक्स की राशि का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग
संपत्तियों की नाप-नपाई के बाद भी लोगों को दरों की जानकारी नहीं
शिमला नगर निगम की तर्ज पर दरें तय करने की चर्चा पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। नगर परिषद रामपुर क्षेत्र में हाउस टैक्स के लिए संपत्ति निर्धारण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सभी नौ वार्डों को विभिन्न श्रेणियों में बांटा गया है। मंगलवार को हाउस टैक्स निर्धारण को लेकर आपत्ति दर्ज करवाने का अंतिम दिन था। इस दौरान मुख्य शहर के विभिन्न वार्डों के लोगों ने टैक्स निर्धारण पर सवाल उठाते हुए आवश्यक सुधार की मांग की।
नगर परिषद की ओर से संपत्ति निर्धारण की प्रक्रिया पूरी कर वार्डों को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया है। हाउस टैक्स की दरों को लेकर नगर परिषद की स्थिति स्पष्ट न होने से लोगों में असमंजस है। नगर परिषद के पूर्व पार्षद ध्रुव शर्मा, सुशील बॉबी, संजीव गुप्ता, हिमेश ठाकुर और बसंत शर्मा सहित अन्य लोगों ने कहा कि हाउस टैक्स को लेकर रामपुर बाजार के लोगों के बीच कई सवाल हैं। हाल ही में हाउस टैक्स के लिए संपत्तियों की नाप-नपाई की गई, लेकिन अब तक लोगों को टैक्स से संबंधित स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। नगर परिषद को बताना चाहिए कि हाउस टैक्स किस आधार पर निर्धारित किया गया है और अलग-अलग क्षेत्रों में इसे किस आधार पर लिया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि मुख्य बाजार, शिव दवाला मंदिर, रघुनाथ मोहल्ला, शीश महल और शहर की गलियों की स्थिति अलग-अलग है। ऐसे में नगर परिषद को स्पष्ट करना चाहिए कि क्षेत्र का वर्गीकरण किस आधार पर किया है। सभी क्षेत्रों में एक ही दर लागू होगी या अलग-अलग दरें तय की जाएंगी, इसकी जानकारी भी लोगों को दी जानी चाहिए। पुराने और नए निर्धारित टैक्स की राशि का ब्योरा भी सार्वजनिक किया जाए।
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लोगों ने कहा कि शिमला नगर निगम की तर्ज पर रामपुर नगर परिषद क्षेत्र में भी दरें निर्धारित किए जाने की चर्चा है। नगर परिषद को इस संबंध में स्थिति स्पष्ट कर लोगों की जिज्ञासाओं का समाधान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हाउस टैक्स निर्धारण से पहले वार्डों में आम सभाएं की जानी चाहिए थीं, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। मुख्य बाजार और आसपास के क्षेत्रों में एक समान टैक्स निर्धारित करना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने नगर परिषद से इसमें आवश्यक सुधार करने की मांग की है।
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