27 किलोमीटर लंबी सड़क पर गड्ढों की भरमार, हादसे का अंदेशा नौ गांवों के ग्रामीणों, मरीजों और विद्यार्थियों को झेलनी पड़ रही परेशानी संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। निचार खंड की रूपी और शिगारचा पंचायत को जोड़ने वाली चौरा-मझगांव-रूपी सड़क खस्ताहाल है। सड़क निर्माण के नौ साल बाद भी सड़क पर टारिंग नहीं हो पाई है। ग्रामीण इस सड़क पर जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। सरकार और लोक निर्माण विभाग पांच वर्ष बाद भी सड़क को पक्का करने के लिए बजट का प्रावधान नहीं कर पाए हैं। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत सड़क का निर्माण हुआ है। वर्तमान में इस सड़क पर गड्ढों की भरमार है और कई जगह हादसे की आशंका बनी हुई है। इस सड़क से रूपी और शिगारचा पंचायत के पोश्पा, छाड़िंग, शिगारचा, हुरवा, नालिंग-एक, नालिंग-दो, मझगांव, डबलिंग और गुरगुरी के ग्रामीण लाभान्वित होते हैं, लेकिन सड़क की दयनीय दशा के कारण दिक्कतें झेल रहे हैं। खस्ताहाल इस सड़क से सेब सहित अन्य नकदी फसलों को मंडियों तक पहुंचाने में भी ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। रूपी पंचायत के पूर्व प्रधान रघुदास नेगी, पूर्व उप प्रधान मुकेश कुमार नेगी, शिव कुमार नेगी, मनमोहन सिंह नेगी, जयसिंह नेगी, हरीश नेगी धर्मपाल ब्राइस, पुरुषोत्तम नेगी, दलीप कुमार नेगी और संजीव सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि कई वर्षों के इंतजार के बाद भी ग्रामीणों को बेहतर सड़क का लाभ नहीं मिल पा रहा। ग्रामीण खतरों के साये में सफर करने को मजबूर हैं। सेब समेत अन्य नकदी फसलों को मंडियों तक पहुंचाना चुनौती बना हुआ है।
स्वीकृति के लिए भेजी थी डीपीआर
लोक निर्माण विभाग भावानगर के सहायक अभियंता हितेश ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना-4 के तहत डीपीआर बनाकर स्वीकृति के लिए भेजी गई थी। स्वीकृति मिल चुकी है। अब टेंडर प्रक्रिया पूरी कर जल्द टारिंग का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।