रोहड़ू में प्रूनिंग की तकनीक की बारीकियां सीखते बागवान।
रोहड़ू। छौहारा वैली एप्पल सोसायटी ने जर्मनी की जीआईजेड संस्था के साथ मिलकर बागवानों के लिए प्रूनिंग और ट्रेनिंग के गुर सिखाएं। इन शिविरों में बड़ी संख्या में क्षेत्र के बागवानों ने भाग लिया। प्रशिक्षण शिविर में नौणी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर सहित कृषि विज्ञान केंद्र और उद्यान विभाग के विशेषज्ञ गांव-गांव में जाकर बागवानों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। बीते दस दिनों में जर्मनी की जीआईजेड संस्था ने उद्यान विभाग के सहयोग से सोसायटी ने 24 प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए।
इसमें करीब 1400 बागवानों को प्रशिक्षित किया गया। जर्मनी की जीआईजेड संस्था से छौहारा वैली एप्पल सोसायटी का एमओयू वर्ष 2016 में हुआ है। इसके तहत लगातार क्षेत्र में बागवानों को जागरूक किया जा रहा है। बागवानों को आधुनिक फार्मिंग की ओर ले जाने के लिए लगातार शिविरों को आयोजन किया जा रहा है। एमओयू के तहत यह सिलसिला वर्ष 2024 तक चलता रहेगा।
प्रूनिंग और ट्रेनिंग का प्रशिक्षण शिविर में नौणी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. जोगिंद्र सिंह चंदेल, कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. नरेंद्र कायथ, जीआईजेड संस्था से विशेषज्ञ डॉ. कविता, विषयवाद विशेषज्ञ डॉ. समीर राणा, उद्यान विकास अधिकारी डॉ. कुशाल मेहता ने बागवानों को जागरूक किया। छौहारा वैली एप्पल सोसायटी के अध्यक्ष संजीव ठाकुर ने बताया कि बागवानों को आधुनिक फार्मिंग सिखाने के लिए प्रशिक्षण शिविरों को आयोजन किया गया।
गांव-गांव में जाकर बागवानों को प्रनिंग और ट्रेनिंग का प्रशिक्षण दिया गया है। शिविरों में 1400 बागवानों को प्रशिक्षित किया गया है। जर्मनी की जीआईजेड संस्था के क्षेत्रीय प्रभारी उमेश शर्मा ने बताया कि संस्था का उद्देश्य छोटे से छोटे बागवान को प्रशिक्षित करना है। इस अभियान के तहत संस्था कार्य कर रही है।