नित्थर (कुल्लू)। नित्थर बाजार दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। बीस साल में इस बाजार में कई परिवर्तन हुए हैं। कभी इस बाजार में दो-चार दुकानें ही हुआ करती थीं। जहां से लोग जरूरत का सामान खरीदा करते थे। यहां अधिकतर लोग बागवानी से जुड़े हुए हैं, लेकिन बागवानी से जुड़े सामान खरीदने के लिए आनी या फिर रामपुर जाना पड़ता था। आज नित्थर बाजार काफी विकसित हो चुका है। यहां बागवानी के अलावा हर तरह का सामान उपलब्ध है, वहीं डिजिटल मार्केट की ओर भी नित्थर बाजार की दस्तक है। लोगों के लिए ऑनलाइन भी सामान उपलब्ध करवाया जाता है। कभी दो-चार हलवाई और सामान्य सामान की दुकानों से शुरू हुए इस बाजार में आज बागवानी से जुड़े उपकरण के अलावा कपड़ा, मोबाइल और अन्य सामान की बड़ी-बड़ी दुकानें हैं। नित्थर उपतहसील के सात पंचायतों के मुख्य केंद्र बाजार में लोगों को सारा सामान उपलब्ध हो रहा है। वहीं, नित्थर बाजार का आकार तो बढ़ रहा है, लेकिन मूलभूत सुविधाएं न होने से व्यापारी परेशान हैं। एक किलोमीटर तक यह बाजार फैला हुआ है, लेकिन स्ट्रीट लाइट, नालियों की उचित निकासी और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं यहां पर बनी हुई हैं, जिसका सुधार होना बेहद जरूरी है। आए दिन इन समस्याओं से लोगों को दो चार होना पड़ता है।
कारोबारियों ने कहा
नित्थर बाजार दिन-प्रतिदिन विकसित होता जा रहा है, लेकिन मुख्य सड़क पर यातायात बढ़ रहा है। इस कारण ट्रैफिक जाम से परेशान होना पड़ता है। नित्थर बाजार में सामान लेने के लिए नित्थर, देहरा, पलेही, लोट, दुराह, कुठेड़ और शिल्ली के ग्रामीण पहुंचते हैं। इस हिसाब से आने वाले समय में ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ सकती है, इसलिए समय रहते इसका समाधान होना बेहद आवश्यक है।
जितेंद्र पॉल ठाकुर दुकानदार
लकड़ी के फर्नीचर का व्यवसाय करता हूं। पहले के मुकाबले आज नित्थर बाजार बहुत ज्यादा फैल चुका है। आज से बीस साल पहले यहां पर कुछ दुकानें थीं। आज इसका घरौली से चेबड़ी गांव तक बाजार फैल चुका है। इस बाजार में हर तरह का सामान मिलता है चाहे फर्नीचर हो, सीमेंट हो, सरिया हो और खाने पीने की चीजें हों। पानी की उचित निकासी न होने से यहां के दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार पानी दुकानों के अंदर घुस जाता है और दुकानदारों का सामान खराब हो जाता है l
- प्रदीप रंगून दुकानदार
नित्थर काफी बड़ा बाजार बन चुका है। यहां हर प्रकार का सामान उपलब्ध हो जाता है, लेकिन देखा जा रहा है कि जिस तरह से ऑनलाइन शॉपिंग का चलन बढ़ रहा है, उससे कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक सामान ऑनलाइन रिचार्ज की बिक्री पर असर पड़ा है।
- संतोष ठाकुर, सब्जी विक्रेता नित्थर
नित्थर बाजार में दस सालों से मिठाई, चाय और अन्य सामान की दुकान चला रहा हूं। बाजार में काफी संख्या में लोग खरीदारी करने आते हैं, लेकिन यहां लोगों को खुले आकाश के नीचे बारिश और धूप में खड़ा रहना पड़ता है। बाजार में न बस स्टैंड है, न कोई रेन-शेल्टर है। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग बस स्टॉप पर कई घंटे खड़े ही रहते हैं। यहां पर एक बस स्टैंड या रेन शेल्टर का होना बेहद जरूरी है।
- संतोष शर्मा, दुकानदार
हितेश भारती
प्रदीप रंगून दुकानदार
प्रदीप रंगून दुकानदार
प्रदीप रंगून दुकानदार
प्रदीप रंगून दुकानदार
प्रदीप रंगून दुकानदार
प्रदीप रंगून दुकानदार