शाम छह बजे के बाद घरों से निकलने से कतरा रहे लोग
वन विभाग से पिंजरा लगाने और सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
ननखड़ी (रामपुर बुशहर)। ग्राम पंचायत शोली के अंतर्गत खनोग, रडैणा और गडासू गांवों में तेंदुए और भालू की सक्रियता से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। पिछले 10 से 15 दिनों से जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ने और तेंदुए के कुत्तों व बछड़ों पर हमले की शिकायतों के बाद लोग शाम ढलते ही घरों में रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों को बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा की चिंता सता रही है। वहीं, मवेशियों को चराने के लिए जंगल में ले जाना भी जोखिम भरा हो गया है।
भाजपा मंडल ननखड़ी के अध्यक्ष जिया लाल लंबरदार ने इस संबंध में वन मंडल अधिकारी रामपुर को शिकायत पत्र भेजकर प्रभावित गांवों में तत्काल आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि शाम छह बजे के बाद ग्रामीण घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं। जंगली जानवरों की सक्रियता से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है और ग्रामीणों में भय बना हुआ है।
उन्होंने वन विभाग से तीनों गांवों का निरीक्षण करवाने, तेंदुए को पकड़ने के लिए उचित स्थान पर पिंजरा लगाने और भालू को आबादी से दूर रखने के लिए आवश्यक प्रबंध करने का आग्रह किया है। इसके अलावा ग्रामीणों को जंगली जानवरों से बचाव के उपायों की जानकारी देने के लिए जागरूकता शिविर आयोजित करने की मांग उठाई है।
शिकायत की प्रतिलिपि वन मंत्री, ननखड़ी वन परिक्षेत्र के रेंज अधिकारी, ग्राम पंचायत शोली के प्रधान और ननखड़ी थाना प्रभारी को भी भेजी गई है।