आठ गांवों के ग्रामीण परेशान, बसों और स्टाफ की कमी से नए रूट पर बस सेवा शुरू नहीं कर पा रहा निगम
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)। चौपाल उपमंडल की बौहर और बागन पंचायतों को चार दशक के इंतजार के बाद सड़क सुविधा तो मिली, लेकिन छह माह बाद भी नियमित सरकारी बस सेवा शुरू नहीं हो पाई है। सड़क के लोकार्पण के दौरान एचआरटीसी की बस का ट्रायल किया गया था, लेकिन इसके बाद बस दोबारा इस मार्ग पर नहीं आई। इससे दोनों पंचायतों के आठ गांवों के ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
बौहर पंचायत के खखरौन गांव निवासी हनीश तेगटा ने बताया कि बस सेवा न होने से ग्रामीणों, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को निजी टैक्सियों व छोटी गाड़ियों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। आरोप है कि वाहन चालक मनमाना किराया वसूलने के साथ क्षमता से अधिक सवारियां बैठाते हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है।
रोहाना-गुम्मा-बौहर सड़क का निर्माण वर्ष 1983 में शुरू हुआ था। सर्वे में बदलाव और विवादों के चलते करीब साढ़े 13 किलोमीटर लंबी सड़क बनने में लगभग 40 वर्ष लग गए। छह माह पूर्व प्रदेश कांग्रेस संगठन महासचिव रजनीश किमटा ने सड़क का लोकार्पण कर बस ट्रायल को हरी झंडी दिखाई थी। सड़क बनने से ग्रामीणों को परिवहन सुविधा मिलने के साथ नकदी फसलों को मंडियों तक पहुंचाने और पलायन रोकने की उम्मीद जगी थी। ग्रामीणों ने सरकार और परिवहन निगम से जल्द नियमित बस सेवा शुरू करने की मांग की है।
कोट
नेरवा डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल शर्मा ने बताया कि बसों और स्टाफ की कमी के कारण नए रूटों पर सेवा शुरू नहीं हो पा रही है। भविष्य में मिलने वाली नई बसें पहले से बंद पड़े 15 रूटों पर चलाई जाएंगी।